ईरानी तेल टैंकर ग्रेस-1 का रोका जाना ग़ैर कानूनी थाः ज़रीफ़
विदेशमंत्री ने कहा है कि आर्थिक आतंकवाद की नीति को आगे बढ़ाने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को विफलता का सामना करना पड़ा है।
विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने लंदन में ईरानी दूतावास के दो पत्रों की तस्वीर प्रकाशित करके ब्रिटेन के उस दावे को रद्द कर दिया है जिसमें कहा गया है कि ईरानी तेल टैंकर ने यूरोपीय प्रतिबंध के कानून का उल्लंघन किया है। जवाद ज़रीफ़ ने गुरूवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि लंदन में ईरानी दूतावास ने ब्रिटेन के विदेशमंत्रालय को सूचित किया था कि यूरोपीय संघ के प्रतिबंध ईरान पर लागू नहीं होते
विदेशमंत्री ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के समर्थन में ब्रिटेन के विदेशमंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति की ओर संकेत किया और स्पष्ट किया कि कोई चीज़ परिवर्तित नहीं हुई है और तेल टैंकर ग्रेस-1 का रोका जाना ग़ैर कानूनी था।
ब्रिटेन के विदेशमंत्रालय ने ईरानी तेल टैंकर को स्वतंत्र किये जाने के बाद दावा किया है कि ईरान ने वचन दिया है कि यह तेल टैंकर सीरिया की ओर नहीं जायेगा। इससे पहले भी विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ग्रेस-1 को स्वतंत्र न किये जाने के संबंध में अमेरिका द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं की प्रतिक्रिया में कहा था कि आर्थिक आतंकवाद की नीति को आगे बढ़ाने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को विफलता का सामना करना पड़ा है।
ज्ञात रहे कि अमेरिका द्वारा बाधायें खड़ी करने और तनाव उत्पन्न करने वाली लंदन सरकार की नीतियों के बावजूद जिब्राल्टर क्षेत्र की अदालत ने गुरूवार को ईरानी तेल टैंकर ग्रेस-1 को तुरंत स्वतंत्र करने का आदेश दिया।
जानकार हल्के जिब्राल्टर क्षेत्र के उच्चतम न्यायालय के आदेश को अमेरिका और ब्रिटेन की एक अन्य बड़ी पराजय के रूप में देख रहे हैं और उनका मानना है कि इससे सिद्ध होता है कि ब्रिटेन ने ईरानी तेल टैंकर को रोकर ग़ैर कानूनी काम किया था। MM