अमरीका, संयुक्त राष्ट्र संघ की मेज़बानी का दुरुपयोग कर रहा हैः मूसवी
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के वार्षिक अधिवेशन में भाग लेने के लिए ईरानी कूटनयिक दल के लिए वीज़ा जारी करने में रुकावटें पैदा करने की अमरीकी कार्यवाहियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि अमरीका, संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के न्यूयार्क में स्थित होने से ग़लत फ़ायदा उठाने का प्रयास करता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep २३, २०१९ २०:१३ Asia/Kolkata
  • अमरीका, संयुक्त राष्ट्र संघ की मेज़बानी का दुरुपयोग कर रहा हैः मूसवी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के वार्षिक अधिवेशन में भाग लेने के लिए ईरानी कूटनयिक दल के लिए वीज़ा जारी करने में रुकावटें पैदा करने की अमरीकी कार्यवाहियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि अमरीका, संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के न्यूयार्क में स्थित होने से ग़लत फ़ायदा उठाने का प्रयास करता है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय से संबंधित प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न अवसरों पर इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की बैठकों में भाग लेने के लिए सभी देशों के कूटनयिकों को समस्त आवश्यक सुविधाएं देना, अमरीका की ज़िम्मेदारी है।

उन्होंनेक हा कि अमरीकी सरकार अपने दायित्वों की अनदेखी करते हुए द्विपक्षीय और बहुत कम महत्व रखने वाले राजनैतिक मामलों को घुसा कर, संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र और अंतर्राष्ट्रीय सिद्धांतों और नियमों का खुला उल्लंघन करती है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की वर्तमान बैठक में भाग लेने के लिए ईरानी प्रतिनिधि मंडल के केवल एक तिहाई सदस्यों के लिए ही वीज़ा जारी किया है। 

उन्होंने कहा कि अमरीकी चाहते थे कि ईरानी प्रतिनिधि मंडल संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में भाग न ले सके किन्तु चूूंकि उन्हें यह अधिकार हासिल नहीं हिै, इसलिए उन्होंने प्रयास किया कि जहां तक हो सके कम से कम ईरानी कूटनयिकों को वीज़ा जारी करें। 

सैयद अब्बास मूसवी ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने अपनी पेशावराना ज़िम्मेदारियों को दृष्टिगत रखते हुए अमरीका की ओर से खड़ी की जाने वाली समस्त रुकावटों के बावजूद बैठक में भाग लेने का फ़ैसला किया। (AK)