नार्वे में क़ुरआने मजीद की अवमानना, ईरान ने कड़ी आपत्ति की
नार्वे में कट्टरपंथी गुट " सियान" द्वारा मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ, कुरआने मजीद को जलाए जाने के बाद इस देश के प्रभारी राजदूत को ईरान के विदेशमंत्रालय में तलब किया है।
विदेशमंत्रालय ने बतया है कि तेहरान में नार्वे के प्रभारी राजदूत को विदेशमंत्रालय में तलब करके सियान गुट के इस क़दम पर कड़ी आपत्ति जतायी गयी और कट्टरपंथ और हिंसा की इस प्रकार की घटनाओं के परिणामों की ओर से उन्हें सचेत किया गया ।
विदेशमंत्राय में युरोपीय विभाग में ने इसी प्रकार दुनिया के डेढ़ अरब मुसलमानों की भावनाओं को पहुंचने वाली ठेस का उल्लेख करते हुए कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बहाने डेढ़ अरब मुसलमानों की आस्था का अपमान नहीं किया जा सकता।
विदेशमंत्रालय ने नार्वे की सरकार से आग्रह के साथ यह मांग की है कि वह इस प्रकार के शांति भंग करने वाले क़दमों को रोके और उसके ज़िम्मेदारों को सज़ा दे।
तेहरान में नार्वे के प्रभारी राजदूत ने ईरान की आपत्ति से अपने देश की सरकार को अवगत कराने का वचन देते हुए कहा कि नार्वे की सरकार इस देश में रहने वाले मुसलमानों की सुरक्षा को अपना कर्तव्य समझती है और कट्टरपंथ और भेदभाव फैलाने वाले क़दमों पर अंकुश लगाती है।
नार्वे में एक कट्टरपंथी गुट द्वारा इस क़दम के बाद पूरी दुनिया में मुसलमान और मुस्लिम देश, घटना पर आपत्ति प्रकट कर रहे हैं और नार्वे के राजदूतों को विदेशमंत्रालय में बुला कर नार्वे की सरकार को अपने विरोध से अवगत करा रहे हैं। (Q.A.)