ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर प्रस्ताव, तेहरान ने रद्द कर दिया
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के 74वें सम्मेलन में ईरान में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में कनाडा की ओर से पेश किए गये प्रस्ताव की निंदा की है।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने ज़ायोनी मोर्चे और क्षेत्र की रूढ़ीवादी सरकारों की ओर से इस प्रस्ताव के समर्थकन को जो स्वयं मानवाधिकारों के समस्त सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं, आतंकवाद और कट्टरपंथ का समर्थन और मानवाधिकारों का बुरी तरह उल्लंघन करती हैं, ईरान के विरुद्ध मानवाधिकारों के प्रस्तावों के ग़ैर क़ानूनी होने का सबसे बड़ा प्रमाण क़रार दिया है।
सैयद अब्बास मूसवी ने इस बात उल्लेख करते हुए कि इस प्रस्ताव के समर्थकों का रवैया, देशों में मानवाधिकारों की स्थिति के संबंध में दोहरे मापदंड का चिन्ह है, कहा कि ईरान इस बात पर खेद प्रकट करता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ का सिस्टम और शैली इस प्रकार के दुरुपयोग का कारण है।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के संबंध में इस प्रस्ताव के समर्थकों के विध्वंसक रवैये पर कई आपत्तियां होती हैं जिनमें मानवाधिकारों का दुरुपयोग करना, विभिन्न समाजों की संप्रभुता, आस्था और विशेषकर सांस्कृतिक विशेषताओं की अनदेखी करना, ईरान के विरुद्ध प्रोपेगैंडा अभियान के परिणाम में सत्यता पर ध्यान न देना और अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों के परिणाम में ईरानी राष्ट्र के मानवाधिकारों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन पर चुप्पी शामिल है और यह ग़ैर क़ानूनी है। (AK)