ईरान, रूस और चीन का नौसैन्य अभ्यास आरंभ
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वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ग़ुलाम रज़ा ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा को मज़बूत करना, समुद्री व्यापार को मज़बूत करना, समुद्री डाकूओं और आतंकवादियों से मुकाबला और सूचनाओं और अनुभवों का आदान- प्रदान इस युद्धाभ्यास के लक्ष्य हैं
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २७, २०१९ ०९:५० Asia/Kolkata
  • ईरान, रूस और चीन का नौसैन्य अभ्यास आरंभ

वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ग़ुलाम रज़ा ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा को मज़बूत करना, समुद्री व्यापार को मज़बूत करना, समुद्री डाकूओं और आतंकवादियों से मुकाबला और सूचनाओं और अनुभवों का आदान- प्रदान इस युद्धाभ्यास के लक्ष्य हैं

ईरान, रूस और चीन का संयुक्त नौसैन्य अभ्यास हिन्द महासागर के उत्तर में आरंभ हो गया है।

इस संयुक्त नौसैन्य अभ्यास के प्रवक्ता वरिष्ठ सैन्य कमांडर ग़ुलाम रज़ा तहानी ने एक प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि हिन्द महासागर का उत्तरीय क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है और वहां पर सुरक्षा ईरान की सशस्त्र सेना की शक्ति से स्थापित है।

उन्होंने बल देकर कहा कि ईरान को अलग- थलग नहीं किया जा सकता और इस सैन्य अभ्यास का अर्थ यह है कि ईरान, रूस और चीन के संबंध अर्थपूर्ण सतह तक पहुंच चुके हैं और यह प्रक्रिया अगले वर्षों में भी जारी रहेगी।

इसी प्रकार वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ग़ुलाम रज़ा ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा को मज़बूत करना, समुद्री व्यापार को मज़बूत करना, समुद्री डाकूओं और आतंकवादियों से मुकाबला और सूचनाओं और अनुभवों का आदान- प्रदान इस युद्धाभ्यास के लक्ष्य हैं और यह चार दिनों तक जारी रहेगा।

इसी प्रकार गुलाम रज़ा ने कहा कि 17 हज़ार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में यह सैन्य अभ्यास हो रहा है जो ईरान की चाबहार बंदरगाह से आरंभ होकर हिंन्द महासागर के उत्तर तक जारी रहेगा।

इस युद्धाभ्यास में विभिन्न चीज़ों का अभ्यास किया जायेगा जैसे आग लगे हुए जहाज़ को कैसे बचाया जाये, जिस जहाज़ पर हमला किया गया हो उसे कैसे बचाये जाये और इसी प्रकार पहले से निर्धारित लक्ष्यों पर फायरिंग जैसी टैक्टिक का अभ्यास किया जायेगा। MM