ईरान में कोरोना वायरस, वरिष्ठ नेता का महत्वपूर्ण संदेश
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामनेई ने वृक्ष दिवस के अवसर पर दो पौधे लगाए और ईरान में फैले कोरोना वायरस के बारे में बेहतरीन नसीहत की।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने वृक्षारोपण दिवस और प्राकृतिक स्रोत सप्ताह के असर पर दो पौधे लगाए और वृक्षारोपण को विभूतिपूर्ण कार्यवाही क़रार दिया और ईरान में फैली बीमारी के बारे में कहा कि जैसा कि पहले मैंने चिकित्सकों, नर्सों और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय लोगों का आभार व्यक्त किया, उसी तरह मैं ज़रूरी समझता है कि एक बार फिर उन प्यारों की सराहना करूं जो अपने मूल्यवान कामों से ईश्वर के मार्ग में संघर्ष कर रहे हैं।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने घातक कोरोना वायरस से बचने की दुआ की और इस बीमारी से मरने वालों के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि इस घातक बीमारी से बचने के लिए अधिकारियों ने जो आदेश दिए हैं और जो सुझाव बताए हैं उन पर पूरी तरह से अमल किया जाना चाहिए क्योंकि ईश्वर ने हम पर यह ज़िम्मेदारी दी है कि अपने और दूसरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के बारे में अपनी ज़िम्मेदारियों पर अमल करें।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक ईश्वर से दुआएं करें। उनका कहना था कि अलबत्ता यह आपदा उतनी बड़ी और व्यापक नहीं है, बल्कि इससे बड़ी बड़ी आपदाएं भी मौजूद हैं लेकिन बंदा अपनी दिल से निकली दुआओं से तथा युवाओं और पापों से दूर लोगों से इस आपदा को दूर करने पर मैं बहुत आशान्वित हूं क्योंकि पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों को साधन बनाकर बहुत सी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
वरिष्ठ नेता ने दुनिया के बहुत से देशों में इस बीमारी के फैलने की ओर संकेत करते हुए कहा कि हमारे अधिकारियों ने पहले दिन से ही पूरी सच्चाई के साथ सूचनाएं दीं और लोगों के सामने पूरी तरह मामला पेश कर दिया किन्तु कुछ देशों ने जहां पर यह बीमारी बहुत अधिक थी और व्यापक रूप धारण कर चुकी थी, छुपाए रखी और हम भी बीमारों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की दुआ करते हैं।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने चिकित्सा उपकरणों के वितरण और वित्तीय सहायता जैसी कुछ ईरानी नागरिकों की मानवता प्रेमी सहातयाओं और कार्यवाहियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह काम बहुत अच्छा है और इन उपलब्धियों की रक्षा करते हुए ख़तरों को अवसरों से बदलना चाहिए। (AK)