कोरोना के बीच ईरान में मजलिस व जश्न ... तरीका अनोखा! + फोटो
कोरोना के फैलाव के बाद पूरी दुनिया में धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बहुत कुछ बदल गया। ईरान में भी डाक्टरों की सिफारिश की वजह से मस्जिदों और पवित्र स्थलों में हर प्रकार के धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी गयी।
मस्जिदों में जमाअत से नमाज़ पढ़ना भी बंद हो गया। ईरान में जगह जगह इमाम हुसैन की मजलिसें होती थीं, कोरोना की वजह से उनका सिलसिला भी बंद हो गया लेकिन मजलिस की कमी, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों को खलने लगी।
रमज़ान का महीना आया तो धार्मिक आयोजनों से लगाव रखने वालों का दुख बढ़ गया इसी दौरान " मावा" संस्था ने " साइलीन अमीरुलमोमेनीन" अंजुमन के सहयोग से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मजलिस का एक नया और अनोखा तरीका निकाल लिया। इस संस्था ने " दुखों की रात " के नाम से तेहरान के इरम पार्क की कार पार्किंग में कारों के साथ मजलिस का इंतेज़ाम किया।
अंजुमन के ज़िम्मेदारों ने बताया कि पूरे रमज़ान के महीने में हर रात पार्किंग में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसके दौरान मजलिस और जश्न दोनों की होगा। इस तरह से 250 से 300 गाड़ियों में लोग अपने परिवार के साथ आते हैं और पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके उसी में बैठ कर कार्यक्रम देखते और सुनते हैं। कार में बैठने वालों की सुविधा के लिए पूरा कार्यक्रम एफएम पर भी प्रसारित किया जाता है ताकि कार में बैठे लोग अपना रेडियो चला कर अच्छी तरह सब कुछ सुन सके।
तेहरान में लोगों ने इस प्रकार के कार्यक्रम का स्वागत किया है और हर रात इरम पार्क की कार पार्किंग में कारों की भीड़ रहती है जो एक दूसरे से एक खास दूरी पर खड़ी रहती हैं और उसके अंदर लोग बैठ कर धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेते हैं। Q.A.