ख़ुर्रम शहर की स्वतंत्रता को कभी भी भुलाया नहीं जा सकताः रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी का कहना है कि ख़ुर्रम शहर की स्वतंत्रता ईरानी राष्ट्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
डाक्टर हसन रूहानी ने बताया कि 23 मई को ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ क्षेत्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय षडयंत्र विफल हो गया था। उन्होंने कहा कि 23 मई को विश्व वर्चस्ववाद का षडयंत्र बुरी तरह से विफल हुआ था।
राष्ट्रपति ने शनिवार को कोरोना से मुक़ाबला करने वाली राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के साथ बैठक में ख़ुर्रम शहर की आज़ादी पर ईरानी राष्ट्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ख़ुर्रमशहर की आज़ादी का दिन पूरे ईरानी राष्ट्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हसन रूहानी ने कहा कि अगर क्षेत्र और विश्व के सभी विरोधी देश एकजुट होकर अत्याधुनिक हथियारों को शत्रुओं के हवाले कर दें फिर भी ईरानी राष्ट्र का संकल्प उनपर भारी पड़ेगा। ज्ञात रहे कि 23 मई सन 1982 को ईरान के दक्षिण पश्चिमी नगर ख़ुर्रम शहर को सद्दाम के सैनिकों से आज़ाद कराया गया था। इस दिन को ईरान में प्रतरिोध और त्याग दिवस के रूप में याद किया जाता है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान, कोरोना या कोविड-19 के संदर्भ में तीन चरणों से गुज़र चुका है। उन्होंने कहा कि अब हम चौथे चरण में पहुंच चुके हैं जिसका अर्थ है कोरोना पर नियंत्रण।