ईरान अमरीका के सामने तो झुकने वाला नहीं है, राष्ट्रपति रूहानी!
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान बड़ी शक्तियों विशेषकर अमरीका के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि अमरीकियों को यह जान लेना चाहिए कि ईरानी राष्ट्र के हितों के खिलाफ उनके विनाशकारी क़दमों के बावजूद उनका मक़सद कभी पूरा नहीं हो सकता।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना और प्रतिबंधों के बावजूद महंगाई में कमी और तेल के बिना अर्थ व्यवस्था में विकास का उल्लेख करते हुए कहा ईरान अमरीकी कार्यवाहियों के सामने न अलग थलग पड़ा है और न कभी अलग थलग किया जा सकता है और ईरान का आर्थिक विकास रुकने वाला नहीं है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरान के परमाणु समझौते की पांचवी वर्षगांठ के अवसर पर अपने एक बयान में कहा कि इस समझौते से अमरीका गैर कानूनी रूप से निकलना ज़ायोनियों, क्षेत्र की रूढ़िवादी अरब सरकारों और अमरीकी कट्टरपंथियों से बने त्रिकोण का परिणाम था।
राष्ट्रपति ने कहा कि परमाणु समझौते से ईरान का शांतिपूर्ण होना साबित हो गया, ईरान के खिलाफ वर्षों से जारी प्रोपगंडे प्रभावहीन हो गये, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुक़सान पहुंचाने की साज़िश विफल हो गयी और ईरान के खिलाफ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव खत्म हो गये और जेसीपीओए की यह उपलब्धियां अमरीकी प्रयासों के बावजूद अब तक सुरक्षित हैं।
राष्ट्रपति रूहानी ने ईरान के खिलाफ हथियारों के प्रतिबंध को समाप्त किये जाने को अंतरराष्ट्रीय नियमों और बहुपक्षीय व्यवस्था की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया और कहा कि ईरान इस क्षेत्र में सभी गतिविधियों पर नज़र रखे है।
राष्ट्रपति ने कहा कि चार धन एक गुट के सदस्य, यह जान लें कि आज ईरान के साथ उनके संबंधों या इलाक़े के देशों के साथ संबंधों का मामला नहीं है बल्कि अगर उन्होंने सही क़दम नहीं उठाया तो बहुपक्षीय व्यवस्था को बड़ा नुक़सान पहुंचेगा और सब को नुक़सान होगा। Q.A.
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