अमरीका ईरान से बातचीत के लिए किसी मध्यस्थ की तलाश में
ईरान के विदेश मंत्रालय के पूर्व प्रवक्ता व अंतर्राष्ट्रीय मामलों के टीकाकार हमीद रज़ा आसेफ़ी का, ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका के मौजूदा रवैये पर कहना है कि अमरीका ईरान के साथ बातचीत के लिए किसी मध्यस्थ देश की तलाश में है।
हमीद रज़ा आसेफ़ी ने कहा कि श्रीमान ओबामा, जो ज़ाहिर में सभ्य नज़र आते थे, बयान में कभी भी धमकी की ज़बान इस्तेमाल नहीं करते थे और न ही उनमें नस्लभेदी भावना थी, ईरान के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद में बड़ी चतुराई से आम सहमति बनाने में सफल हुए थे, लेकिन श्रीमान ट्रम्प ने ईरान के ख़िलाफ़ आम सहमति को पूरी तरह ख़त्म कर दिया कि यह मामला ईरान के हित में ख़त्म हुआ। इसलिए रूस और चीन के साथ अमरीका के गहरे मतभेद और तीन योरोपीय देशों के साथ और गहरे मतभेद के मद्देनज़र इस बात का डर है कि कहीं सुरक्षा परिषद ही ख़त्म न हो जाए, क्योंकि अब इसके आगे से रूस और चीन अमरीकी फ़ैसले को वीटो करने का क़दम उठाएंगे।
हमीद रज़ा आसेफ़ी ने कहा कि अमरीका का ईरान पर दबाव डालने के पीछे लक्ष्य यह है कि कोई ऐसा देश मिल जाए जो मध्यकाल की स्ट्रेटिजी पेश करके ईरान के साथ अमरीका की बीतचीत की पृष्ठिभूमि ऐसी बनाए कि ट्रम्प उससे आगामी राष्ट्रपति चुनाव में फ़ायदा उठा सकें।
उन्होंने कहा कि अगर ट्रिगर मेकनिज़्म ऐक्टिव भी हो जाए, ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां मौजूदा स्थिति से ज़्यादा बुरी नहीं होंगी, क्योंकि अमरीकी ईरान के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी पाबंदी की नीति अपना चुके हैं, जिसका ईरान ने बड़ी समझदारी से मुक़ाबला किया। (MAQ/N)
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