कोरोना महामारी के दौरान प्रतिबंध लगाना नरसंहार जैसा कामः ईरान
ईरान के स्वास्थ्यमंत्री का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान प्रतिबंध लगाना नरसंहार जैसा घृणित काम है।
स्वास्थ्यमंत्री सईद नमकी ने स्वास्थ्य मंत्रियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ देशों ने ईरान के लिए इन्फ्लुएंज़ा की वैकसीन आयात करने के मार्ग में ईरान के लिए समस्याएं खड़ी कर दी हैं। यह देश वैक्सीन के मूल्यों में वृद्धि के अतरिक्त भी कई काम करके इसके आयात में बाधा बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अमरीकी प्रतिबंधों के कारण Remdesivir तथा Favipiravir नामक दवाओं के आयात में बहुत ज़्यादा परेशानियां आ रही हैं। स्वास्थ्यमंत्री ने बताया कि यह दवाएं अब ईरान में बनाई जा रही है और देश में सात टीमें, कोरोना वैकसिन बनाने के मार्ग में प्रयास कर रही हैं। ईरान के स्वास्थ्यमंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सभी सदस्य देशों तथा क्षेत्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं से मांग की है कि वे एकपक्षीय अवैध प्रतिबंधों को हटवाने में अपने प्रयास करें।
इसी बीच सूचना है कि ईरान में पिछले 24 घण्टों के दौरान कोविड-19 से चार हज़ार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर बताया गया है कि देश में पिछले 24 घण्टों के दौरान कोरोना से 4206 लोग संक्रमित हुए जबकि इस दौरान कोरोना से 272 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता सीमा सादात लारी ने सोमवार को बताया कि एक दिन में 4206 लोग देश में कोरोना से संक्रमित हुए जिनमें से 2063 लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। उन्होंने बताया कि ईरान में कोविड-19 के मरीज़ों की कुल संख्या 5 लाख 4 हज़ार 2 सौ 81 हो गई है। इस प्रकार देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हज़ार 816 हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि दुनिया में कोरोना से 3 करोड़ 80 लाख से अधिक संक्रमित हुए हैं। पूरे विश्व में अबतक कोरोना से कम से कम 10 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। संसार में अमरीका एसा देश है जहां पर कोरोना के कारण हालात बहुत ख़राब हैं।