अमरीका की मनमानी पर विश्व समुदाय चुप्पी तोड़े, ईरान
संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की तीसरी समिति में ईरान के प्रतिनिधि ने अमरीका की मनमानी को विश्व में मानवाधिकारों के लिए वास्तविक खतरा बताया और इस बारे में विश्व समुदाय की चुप्पी की आलोचना की।
मुहम्मद ज़ारेइयान ने तीसरी समिति की बैठक में जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशल बाशले भी उपस्थित थे, एकपक्षवाद में वृद्धि को मानवाधिकारों की रक्षा और विकास के लिए एक अंतरराष्ट्रीय खतरा बताया और कहा कि ज़बरदस्ती, और गैर कानूनी मनमानी पर आधारित एकपक्षीय नीतियां , ईरानी जनता पर कोरोना के फैलाव के दौरान भी थोपी जा रही हैं बल्कि कोरोना के समय में उसमें तेज़ी भी आ गयी है।
उन्होंने कहा कि अमरीकी सरकार, अपने राजनीतिक हितों के लिए ईरान की महिलाओं , बच्चों और बूढ़ों सहित सभी नागरिकों को निशाना बना रही है और यह आर्थिक आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।
मुहम्मद ज़ारेइयान ने अमरीका की मनमानी पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में करोड़ों लोग इस प्रकार की मनमानी का शिकार हैं लेकिन इस भयानक अपराध और जातीय सफाए और मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन पर आवश्यक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस समिति की बैठक में विभिन्न देशों ने विश्व में मानवाधिकार की स्थिति पर अपने विचार रखे और इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र संघ से सवाल पूछे। Q.A.
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