ईरान में फिर लगे अमरीका मुर्दाबाद के नारे
आज मंगलवार तेरह आबान बराबर 3 नवम्बर है। आज पूरे ईरान में विश्व साम्राज्यवाद से संघर्ष के राष्ट्रीय दिन के रूप में मनाया जाता है।
41 साल पहले तेरह आबान बराबर तीन नवम्बर को ईरान के क्रांतिकारी छात्रों ने जासूसी का अड्डा बन चुके अमरीका के दूतावास को अपने नियंत्रण में ले लिया था। ईरान में इस्लामी क्रांति के दौरान और उसकी सफलता के बाद तेहरान में अमरीकी दूतावास निरंतर इस्लामी क्रांति के विरुद्ध षड्यंत्र कर रहा था।
इस अवसर पर पूरे ईरान में विश्व साम्राज्य से संघर्ष के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जूलूस निकाले जाते हैं और अमरीकी ध्वज जलाया जाता है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के इतिहास में तेरह आबान को तीन महत्वपूर्ण घटनाएं घटी हैं। 13 आबान सन 1343 हिजरी शम्सी को इमाम ख़ुमैनी को तुर्की ओर देश निकाला दिया गया, 13 आबान सन 1357 हिजरी शम्सी को शाही सरकार ने छात्रों का जनसंहार किया तथा तेरह आबान को ईरान के क्रांतिकारी छात्रों ने जासूसी का अड्डा बन चुके अमरीका के दूतावास को अपने नियंत्रण में ले लिया था।
राजधानी तेहरान सहित पूरे ईरान के विभिन्न शहरों में तीन नवम्बर को मनाए जाने वाले विश्व साम्राज्य से संघर्ष के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जुलूस निकाले गये लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इस साल सीमित स्तर पर कार्यक्रम और आयोजन हुए जबकि अधिकर कार्यक्रम आन लाइन आयोजित किए गये। तेहरान में अमरीका के पूर्व दूतावास की इमारत के सामने जुलूस में शामिल लोगों ने इस देश का ध्वज जलाया। लोग अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगा कर साम्राज्य से अपने क्रोध और घृणा का प्रदर्शन कर रहे हैं। (AK)
ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए