अलक़ाएदा का नंबर-2 सरग़ना कितनी बार और कहां मारा गया?
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हाल ही में अमेरिका मीडिया ने यह दावा किया था कि अलक़ाएदा का नंबर-2 सरग़ना तेहरान में मारा गया है। यह दावा ऐसी स्थिति में किया जा रहा है कि जब अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और अधिकारियों ने कई सप्ताह पहले ही अफ़ग़ानिस्तान में इसी व्यक्ति के मारे जाने का एलान किया था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov १७, २०२० ०६:५६ Asia/Kolkata
  • अलक़ाएदा का नंबर-2 सरग़ना कितनी बार और कहां मारा गया?

हाल ही में अमेरिका मीडिया ने यह दावा किया था कि अलक़ाएदा का नंबर-2 सरग़ना तेहरान में मारा गया है। यह दावा ऐसी स्थिति में किया जा रहा है कि जब अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और अधिकारियों ने कई सप्ताह पहले ही अफ़ग़ानिस्तान में इसी व्यक्ति के मारे जाने का एलान किया था।

समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक़, न्यूयॉर्क टाइम्स ने हाल ही में इस्राईली सूत्रों के हवाले से यह दावा किया था कि मूसाद के तत्वों ने अगस्त महीने के अंत में अलक़ाएदा के नंबर-2 सरग़ना अबू मोहम्मद अल-मिस्री को तेहरान में मार गिराया है। हालांकि ईरानी विदेश मंत्रालय इस दावे को पहले पूरी तरह ख़ारिज कर चुका है। 17 नवंबर मंगलवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ख़तीब ज़ादे ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कान्फ्रेंस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि, अलक़ाएदा को किस देश ने अस्तित्व दिया है? उन्होंने कहा कि वे लोग जो तकफ़ीरी विचारधारा के बारे में थोड़ी बहुत भी जानकारी रखते हैं वह यह जानते हैं कि तकफ़ीरी विचारधारा के लोग सबसे ज़्यादा अगर किसी से नफ़रत करते हैं तो वह शिया मुसलमान हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, इसीलिए हम इस कट्टर आतंकी विचारधारा के मुक़ाबले में मोर्चा संभाले हुए हैं। इसलिए, इस तरह की मनगढ़त कहानी और आरोप इस्लामी गणतंत्र ईरान पर नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने कहा कि यह हर कोई जानता है कि अलक़ाएदा की वित्तीय सहायता किसने की।  ख़तीब ज़ादे ने कहा कि दाइश को पालने-पोसने वाला ही अमेरिका है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक एक काल्पनिक कहानी बनाकर दूसरे संचार माध्यमों को दे दिया, उससे पूछा जाना चाहिए कि कहां वह मारा गया है। जबकि अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां और सरकार एक महीने पहले ही मिस्री के अफ़ग़ानिस्तान में मारे जाने की पुष्टि कर रही है। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड स्टाइल में इस कहानी लिखने वाले पहले यह बताएं कि वह था कहां और उसके बाद यह दावा करें कि तेहरान की सड़कों पर मारा गया है। याद रहे कि लगभग एक महीने पहले अफ़ग़ानिस्तान में मिस्री के मारे जाने पर अफ़ग़ान मीडिया ने व्यापक स्तर पर उस ख़बर को दिखाया था और साथ ही अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने उस ख़बर पर प्रतिक्रिया भी दी थी। (RZ)