परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत का प्रस्ताव अस्वीकार्य है, ईरान
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संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने 2015 में हुए परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए ठुकरा दिया है, जिसे आधिकारिक तौर पर जेसीपीओए के रूप में जाना जाता है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Dec २३, २०२० ०९:०० Asia/Kolkata
  • परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत का प्रस्ताव अस्वीकार्य है, ईरान

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने 2015 में हुए परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए ठुकरा दिया है, जिसे आधिकारिक तौर पर जेसीपीओए के रूप में जाना जाता है।

मजीद तख़्त रवानची ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की एक बैठक में पुनः वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहाः लम्बे दौर की समग्र और कठिन वार्ता के बाद परमाणु समझौता हुआ था। अब इस समझौते के पुनर्निरीक्षण या विस्तार का कोई भी प्रस्ताव, यूएनएससी के प्रस्ताव 2231 का उल्लंघन होगा, जो पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है।

ईरानी राजदूत का कहना था कि तेहरान अपने क़ानूनी बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी बातचीत नहीं करेगा और कुछ विश्व शक्तियों की वर्चस्ववादी नीतियों के दबाव में अपने रक्षात्मक अधिकारों की अनदेखी नहीं करेगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस ऐतिहासिक समझौते से किसी भी दूसरे मुद्दे को जोड़ने का प्रयास, सफल नहीं होगा।

तख़्त रवानची का कहना था कि इस समझौते को बचाने के लिए ईरान पहले ही काफ़ी कुछ त्याग चुका है, इसलिए अब उससे इससे ज़्यादा भारी क़ीमत चुकाने की मांग न की जाए।

उन्होंने कहा कि अमरीका ने पिछले 4 वर्षों के दौरान, ईरान के ख़िलाफ़ 15,000 से ज़्यादा प्रतिबंध लागू किए हैं, जबकि समझौते के तहत यूरोपीय देशों ने इन प्रतिबंधों से मुक़ाबले के लिए कुछ नहीं किया, ख़ास तौर पर जब देश घातक कोरोना महामारी से जूझ रहा है। msm

 

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