हम हारे हुए जुआरियों के दबाव में नहीं आयेंगे, ईरान
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ईरान ने कहा है कि वह हारे हुए जुआरियों के दबाव में नहीं आएगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ११, २०२१ १४:२३ Asia/Kolkata
  • हम हारे हुए जुआरियों के दबाव में नहीं आयेंगे, ईरान

ईरान ने कहा है कि वह हारे हुए जुआरियों के दबाव में नहीं आएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने कहा कि ईरान एक ज़िम्मेदार सरकार के रूप में तक्नीकी आयाम से युक्रेन के विमान दुर्घटना के लिए जवाबदेह है, लेकिन वह हारे हुए जुआरियों के दबाव में नहीं आएगा।

उन्होंने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ़्रेन्स में युक्रेन विमान दुर्घटना के बारे में कहा कि इस घटना के मुल्ज़िमों के ख़िलाफ़ न्यायिक प्रक्रिया जारी है और नियम के मुताबिक़ गंभीरता के साथ इस मामले को देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि शिकागो उड्डयन संधि के तेरहवें अपेन्डिक्स के मुताबिक़, ईरान के पास दुर्घटना के एक साल बाद तक्नीकी रिपोर्ट पेश करने का अधिकार है और यह काम संपन्न हो गया।

सईद ख़तीबज़ादे ने कहा कि ईरान ने युक्रेन विमान दुर्घटना की पूरी बारीकी से जाँच की लेकिन कुछ देश और कुछ हारे हुए जुआरियों के व्यवहार से ज़ाहिर होता है कि वे इस मुद्दे को राजनैतिक रंग देना चाहते हैं, न कि इसे हल करना।

उन्होंने इसी तरह ईरान सरकार के 20 फ़ीसद युरेनियम इन्रिचमेंट के प्रोग्राम के बारे में तीन यूरोपीय देशों के बयान के रिएक्शन में कहा कि इन देशों ने न सिर्फ़ यह कि अपने कर्तव्य को अंजाम नहीं दिया बल्कि वे परमाणु समझौते के उल्लंघन में अमरीका के जुर्म में शरीक हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि योरोपीय देश अच्छी तरह जानते हैं कि ईरान की ओर से जेसीपीओए से संबंधित प्रतिबद्धताओं में कमी इस समझौते की धारा 26 और 36 के तहत, हो रही है।

उन्होंने इसी तरह दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधिमंडल के तेहरान दौरे के बारे में बताया कि सियोल पर ईरान के बाक़ी पैसों के संबंध में यह दौरा हुआ है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया में ईरान का फंसा हुआ पैसा जल्दी वापस होना चाहिए।

ईरान के अंतर्राष्ट्रीय कूटनैतिक तंत्र के प्रवक्ता ने इसी तरह यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन पर पाबंदी लगाने की अमरीकी कोशिश के बारे में कहा कि अमरीका की मौजूदा दिवालिया हो चुकी सरकार से यह मुमकिन है कि जाते जाते अमरीकी छवि पर एक और कलंक लगाती और इस देश की विरासत को और ख़राब करती जाए।

उन्होंने इराक़ी स्वंयसेवी बल हश्दुश शाबी के प्रमुख फ़ालेह अलफ़य्याज़ पर अमरीका की ओर से पाबंदी की निंदा करते हुए कहा कि इराक़ के एक सरकारी संगठन पर पाबंदी, पश्चिम एशिया में अमरीका की अनुचित स्थिति का पता देती है।

सईद ख़तीबज़ादे ने अमरीका के भीतरी हालात और ट्रम्प के समर्थकों के इस देश की संसद की इमारत में दाख़िल होने के बारे में कहा कि अमरीका की सबसे ज़्यादा बेइज़्ज़त सरकार  सबसे ज़्यादा लज्जाजनक ढंग से वाइट हाउस से जा रही है, पूरी दुनिया में अमरीकी सत्ताधारियों के हाथों बहुत से बेगुनाहों के ख़ून बहाए गए जिसका इस देश के सत्ताधारियों को एक न एक दिन जवाब देना पड़ेगा। (MAQ/N)

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