परमाणु समझौते को लेकर इस्राईल को सबसे ज़्यादा चिंता है
ईरान का कहना है कि इस्राईल को परमाणु समझौते के पुनर्जीवित होने से सबसे ज़्यादा चिंता है, क्योंकि मध्यपूर्व में अस्थिरता से सबसे अधिक उसे ही लाभ होता है।
ईरानी सरकार के प्रवक्ता अली रबीई ने मंगलवार को तेहरान में मीडिया ब्रीफिंग में तेल अवीव की उस धमकी के बाद यह टिप्प्णी की है, जिसमें कहा गया था कि तेल-अवीव ने ईरान के परमाणु संयंत्रों पर संभावित हमले की योजना को अपडेट किया है।
उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन को जेसीपीओए के फिर से ज़िंदा होने से सबसे अधिक चिंता है।
ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते सैन्य मामलों के इस्राईली मंत्री ने कहा था कि ईरान के परमाणु संयंत्रों पर संभावित हमलों के लिए ज़ायोनी शासन अपनी योजना को अपडेट कर रहा है।
फ़ॉक्स न्यूज़ के साथ इंटरव्यू में बेनी गैंट्ज़ से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ईरानी परमाणु संयंत्रों पर हमले की इस्राईली योजना के बारे में पूछा गया था।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि बेशक हमने इसकी योजना तैयार कर रखी है, लेकिन हम लगातार इसे अपडेट भी कर रहे हैं।
इस्राईली मंत्री की धमकी के जवाब में ईरान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि अगर तेल-अवीव ने कोई ग़लती की तो तेल-अवीव और हैफ़ा को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। msm