होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई उल्लंघनकारी तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई उल्लंघनकारी तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया
पार्सटुडे – फ़ार्स की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन निकाय ने घोषणा की कि हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिनमें से अंतिम तीन संयुक्त अरब अमीरात के स्वामित्व या पट्टे पर थे।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार फ़ार्स की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन ने गुरुवार रात नौ मेहर 1405 को सोशल मीडिया नेटवर्क एक्स पर लिखा कि हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिनमें से अंतिम तीन संयुक्त अरब अमीरात के स्वामित्व या पट्टे पर थे।
फ़ार्स की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन ने कहा कि जाँच से पता चलता है कि पिछले दो महीनों में तेल टैंकर AL RUWAIS, SINBAD और MERSIN PROSPERITY ने कई बार होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने का प्रयास किया था।
फ़ार्स की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन के संदेश में स्पष्ट किया गया है कि उल्लेखनीय बात यह है कि इन तीनों तेल टैंकरों के नाम फारस की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन (PGSA) की गैर-अनुपालन सूची के नवीनतम अपडेट में भी दर्ज हैं। mm
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ईरान ने अमेरिका के दुरुपयोग के खिलाफ़ चीन और रूस के वीटो की सराहना की
दरज़ी, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत
पार्सटुडे – संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने वाशिंगटन के राजनीतिक प्रस्ताव को वीटो करने में चीन और रूस की निर्णायक कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा में एक आवश्यक कदम बताया।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में इस्लामिक गणराज्य ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधित्व के उप प्रमुख ग़ुलामहुसैन दरज़ी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में अपने भाषण में, जो अमेरिका के ईरान-विरोधी प्रस्ताव के खिलाफ रूस और चीन के वीटो की जाँच के लिए आयोजित की गई थी, कहा:
"संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रस्ताव अवैध समिति 1737 की विशेषज्ञ समिति को पुनर्जीवित करने के लिए सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग करने का एक राजनीतिक रूप से प्रेरित, कानूनी आधार से रहित और पाखंडी प्रयास था; एक ऐसी समिति जिसका संकल्प 2231 द्वारा काम समाप्त कर दिया गया था।"
दरज़ी ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करनी चाहिए और अपनी प्रक्रियाओं में किसी भी राजनीतिकरण या हेरफेर को खारिज करना चाहिए। फिर भी संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों ने बार-बार संकीर्ण राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए परिषद की प्रक्रियाओं और शक्तियों का दुरुपयोग किया है।
उन्होंने कहा कि चीन और रूस के वीटो सैद्धांतिक और आवश्यक कार्रवाइयाँ थीं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून तथा इस परिषद की सुरक्षा और अधिकार की उसके दुरुपयोग के खिलाफ रक्षा की।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि यह बार-बार दावा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम सैन्य उद्देश्यों की ओर भटक रहा है, एक गलत आख्यान और बड़ा झूठ है जिसे पहली बार 2003 में इसराइली शासन द्वारा गढ़ा गया था और तब से संयुक्त राज्य अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों द्वारा बार-बार तोते की तरह दोहराया गया है। जबकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की किसी भी रिपोर्ट ने इस मनगढ़ंत दावे की पुष्टि नहीं की है।
दरज़ी ने कहा कि ईरान 1970 से परमाणु हथियारों के प्रसार निषेध संधि का ज़िम्मेदार सदस्य रहा है और लगभग 25 साल से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की व्यापक निगरानी में रहा है। साथ ही क्षेत्र में आतंकवादी और नरसंहारक इसराइली शासन के पास परमाणु हथियार हैं और वह अभी भी परमाणु हथियारों के प्रसार निषेध संधि से बाहर है और अपने परमाणु प्रतिष्ठानों पर व्यापक सुरक्षा उपायों तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी स्वीकार करने से इन्कार करता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद और महासभा को कभी भी ऐसा मंच नहीं बनना चाहिए जहाँ आक्रांता शिकार को दंडित करने, तथ्यों को विकृत करने और अपनी अवैध कार्रवाइयों के लिए झूठा कानूनी औचित्य बनाने का प्रयास करे। mm