अमेरिकी विश्लेषक: ईरान को हराना संभव नहीं है
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पार्सटुडे – अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और विदेश नीति विश्लेषक ने इस्लामिक गणराज्य ईरान की शक्तिशाली रक्षा क्षमता का ज़िक्र करते हुए वाशिंगटन के युद्धोन्मादी अधिकारियों से कहा कि आप ईरान को सैन्य रूप से हरा नहीं सकते।
(last modified 2026-10-01T10:02:21+00:00 )
Oct ०१, २०२६ १५:३१ Asia/Kolkata
  • अमेरिकी विश्लेषक: ईरान को हराना संभव नहीं है
    अमेरिकी विश्लेषक: ईरान को हराना संभव नहीं है

पार्सटुडे – अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और विदेश नीति विश्लेषक ने इस्लामिक गणराज्य ईरान की शक्तिशाली रक्षा क्षमता का ज़िक्र करते हुए वाशिंगटन के युद्धोन्मादी अधिकारियों से कहा कि आप ईरान को सैन्य रूप से हरा नहीं सकते।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और विदेश नीति विश्लेषक "डैनियल डेविस" ने सोशल मीडिया नेटवर्क एक्स पर अपने अकाउंट पर संदेशों की एक श्रृंखला में लिखा कि ईरान ने दशकों तक एक वायु युद्ध में जीत के लिए तैयारी नहीं की बल्कि वह रक्षा किलेबंदी बनाने में लगा रहा ताकि ऐसे युद्ध का सामना कर सके।

 

उन्होंने ईरान की तुलना उस पहाड़ से करते हुए, जो ग्रेनाइट से बना है, जिसे पृथ्वी पर सबसे कठोर प्राकृतिक पत्थरों में से एक माना जाता है, कहा कि सच्चाई यह है कि आप ग्रेनाइट के पहाड़ को परमाणु हथियार से भी नष्ट नहीं कर सकते, इसलिए आप ईरान को सैन्य रूप से हरा नहीं पाएंगे।

 

अमेरिकी आतंकवादी सेना के इस सेवानिवृत्त अधिकारी ने आगे अमेरिका के भ्रमित और युद्धोन्मादी राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण को अगले चरण में ले जाने से पहले, ईरान के साथ युद्ध की वस्तुनिष्ठ और मैदानी वास्तविकताओं को स्वीकार करना चाहिए और उनके आधार पर निर्णय लेना चाहिए, न कि उन आख्यानों और राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर जो वास्तविकता को छिपा या विकृत कर सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी को यह भ्रम है कि ईरान हमें जैसे चाहें हमला करने देगा और बदले में हमारे खिलाफ आनुपातिक जवाबी हमला नहीं होगा, तो वह काल्पनिक दुनिया में जी रहा है।

 

इस अमेरिकी विश्लेषक ने यह भी कहते हुए कि ईरान ने अब तक दिखाया है कि वह हमारी ओर फेंकी गई हर चीज़ का जवाब दे सकता है, कहा कि हमने भी साबित कर दिया है कि हमारे पास उन्हें पूरी तरह रोकने के लिए पर्याप्त रक्षा क्षमता नहीं है।

 

उन्होंने आगे यह कहते हुए कि पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ने से पहले, संयुक्त राज्य अमेरिका को स्थितियों के ईमानदार मूल्यांकन की आवश्यकता है, कहा कि अमेरिका की सबसे बुद्धिमान रणनीति यह नहीं है कि वह अपने कार्यों के परिणामों के बारे में सोचे बिना स्थिति को बढ़ाए, बल्कि इससे पहले कि इस संघर्ष की लागतें अमेरिका के लिए बहुत अधिक भारी हो जाएँ, उसे इस चक्र को समाप्त करने का रास्ता खोजना चाहिए।

 

डेविस ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में इस स्थिति से बाहर निकलना, भले ही अमेरिकी हितों के लिए एक खराब समझौते के साथ हो, सैन्य वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ करने और इस झूठी आशा के साथ हमले जारी रखने से बहुत बेहतर है कि हम वह हासिल कर लेंगे जो हम चाहते हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में हमारी सबसे बड़ी गलतियों में से एक यह थी कि हमने मान लिया कि तनाव बढ़ाने का हमारे लिए कोई परिणाम नहीं होगा। mm