अब ईरान बोल रहा है और विश्व शक्तियां सुन रही हैं
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एक हफ़्ते तक तनावपूर्ण स्थिति रहने के बाद अब ईरान और अमरीका अंधेरी सुरंग के आख़िर में रौशनी देख रहे हैं, जिससे वर्षों पुराने गतिरोध को हल करने में मदद मिल सकती है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १८, २०२१ १४:४८ Asia/Kolkata
  • अब ईरान बोल रहा है और विश्व शक्तियां सुन रही हैं

एक हफ़्ते तक तनावपूर्ण स्थिति रहने के बाद अब ईरान और अमरीका अंधेरी सुरंग के आख़िर में रौशनी देख रहे हैं, जिससे वर्षों पुराने गतिरोध को हल करने में मदद मिल सकती है।

ईरान का कहना है कि वियना में एक नई समझ आकार ले रही है। ईरान के प्रमुख वार्ताकार सैय्यद अब्बास इराक़ची का कहना है कि अभी भी गंभीर असहमति बनी हुई है, लेकिन 2015 के परमाणु समझौते को फिर से जीवित करने के लिए प्रयास उतनी ही गंभीरता से जारी हैं।

यूरोपीय संघ, रूस और चीन परमाणु समझौते की बहाली के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं। पिछले हफ़्ते पहले दौर की वार्ता के बाद रविवार वार्ता का अगला दौर शुरू हुआ है।    

पिछले हफ़्ते नतंज़ परमाणु केन्द्र में विध्वसंकारी घटना के बाद ईरान ने यूरेनियम के संवर्धन का ग्रेड बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया था। इस परमाणु आतंकवादी घटना के पीछे इस्राइल का हाथ होने की आशंका है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस्राईल ने परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी को रोकने और वियना वार्ता में ईरान के मज़बूत पक्ष को कमज़ोर करने के उद्देश्य से नतंज़ परमाणु केन्द्र को एक बार फिर निशाना बनाया है।

हालांकि इस घटना के बाद ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के ग्रेड को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का एलान कर दिया, जिससे स्पष्ट है कि यह हमला सेल्फ़ गोल साबित हुआ है। वहीं अब वियना वार्ता में ईरान की स्थिति और भी मज़बूत हो गई है और अमरीका, सभी प्रतिबंधों को हटाने की तेहरान की शर्त मानने के लिए अधिक दबाव में है।

ईरान की शर्त है कि वह उसी वक़्त परमाणु समझौते के तहत किए गए अपने वादों पर फिर से अमल करेगा, जब समस्त अमरीकी प्रतिबंध हटा लिए जायेंगे। इसका मतलब है कि अमरीका को ट्रम्प प्रशासन द्वारा 2018 में परमाणु समझौते से निकलने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों समेत उससे पहले के भी सभी प्रतिबंधों को हटाना होगा। msm