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कोरोना का बड़ा सवालः आज किस की सरकार है? कुरआन ने दिया है जवाबः आप के पास है इन सवालों का जवाब?
Mar ३०, २०२० ११:१२मिस्र के समाचार पत्र " अलवतन " ने कोरोना पर एक अलग तरह से नज़र डाली है। इस लेख का शीर्षक है " कोरोना का बड़ा सवाल, आज किसी की सरकार है?" इस लेख में कुछ रोचक बिन्दुओं पर ध्यान दिलाया गया है।
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आधुनिक इन्सान के लिए यह है कोरोना का पैग़ाम! कोरोना पर अलग नज़र!
Mar १८, २०२० १७:१०आज कल दुनिया के अधिकांश देश एक महामारी में ग्रस्त हैं। इस अवसर पर लोगों के अलग अलग व्यवहार हमे नज़र आ रहे हैं जो दर अस्ल हर समाज की संस्कृति का परिणाम है।
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घातक बीमारियां आसान इलाजः प्रोस्टेट अगर शुरुआती स्टेज में हो तो उसके इलाज के लिए कोहड़े का बीज कच्चा खाए!
Mar ०१, २०२० १२:१९प्रोस्टेट की समस्या के बारे में उस्ताद अब्बास तबरीज़ियान के विचार इस्लामी तिब की नज़र सेः
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क़ुरआनी क़िस्सेः सूरए बक़रा की आयत संख्या 62 पैग़म्बरे इस्लाम के सहाबी हज़रत सलमान फ़ारसी के बारे में है और इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कहानी है!
Jan ३०, २०२० १४:०१सूरए बक़रा पवित्र क़ुरआन का दूसरा सूरा है जिसमें 286 आयते हैं। सूरए बक़रा, पवित्र क़ुरआन का सबसे बड़ा सूरा है। हम सूरए बक़रा की आयत संख्या 62 का अनुवाद और इसके नाज़िल होने की रोचक और पाठदायक घटना के बारे में बताना चाहते हैं।
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क़ुरआनी क़िस्सेः क़ुरआन का सूरए दहर पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों के बलिदान के कारण नाज़िल हुआ
Jan २८, २०२० १६:०३इससे पहले हमने बताया कि सूरे अलइन्सान के नाज़िल होने की घटना इस प्रकार है कि हज़रत अली और हज़रत फ़ातेमा अलैहिमुस्सलाम के घर के सभी सदस्यों ने रोज़े रखे जब इफ़्तार का समय आया तो एक भिखारी आ गया और उसने आवाज़ लगाई।
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आयत की पृष्ठभूमिः क़ुरआन का सूरए इंसान एक ख़ास घटना की याद दिलाता है, यह घटना इस सूरे की पृष्ठभूमिक है
Jan २६, २०२० १६:००पवित्र क़ुरआन ज़िंदगी की किताब है। यह वह आसमानी किताब है जिसे ईश्वर ने मानव जाति के मार्गदर्शन के लिए भेजा है।
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आईआरजीसी के कमांडर ने कहा है कि शत्रु, ईरान की रेड लाइन को पार न करे।
Dec ०४, २०१९ १६:१३आईआरजीसी के प्रमुख कमांडर ने चेतावनी दी है कि शत्रु, ईरान की रेड लाइन को पार न करे।
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वीडियो रिपोर्टः तेहरान में दिखा इस्लामी एकता का शानदार नज़ारा, शीया सुन्नी स्कालरों ने एक साथ अदा की नमाज़, इस्लामी जगत की समस्याओं पर सघन विमर्श,
Nov १४, २०१९ १६:३६तेहरान में इस्लामी एकता कान्फ़्रेन्स का आयोजन इस दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है कि दुनिया के 80 से अधिक देशों के अलग अलग मतों के मुस्लिम स्कालर और धर्मगुरू इसमें एकत्रित होते हैं।
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पैग़म्बरे इस्लाम अपने आप में एक महान चमत्कारः बाग़ के मालिक दूर से सब कुछ देख रहे थे। उन्होंने डांट कर दास को बुलाया। दास अंतिम ईश्वरीय दूत के दर्शन से बदल चुका था....+वीडियोज़, फ़ोटोज़
Nov १४, २०१९ १३:१०रबीउल अव्वल महीने की एक रात थी। मक्के का आसमान तारों से जगमगा रहा था। आसमान में रहने वाले ईश्वरीय अमानत को देने के लिए ज़मीन पर आ गये थे। पैग़म्बरे इस्लाम की माता हज़रत आमिना चार महीना पहले अपने पति के दुनिया से चले जाने के ग़म में थीं।
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आइए सब मिलकर पैग़म्बर को याद करें (1) +वीडियो, फ़ोटो
Nov ०७, २०१९ १२:३०सुन्नी मुसलमानों के अनुसार पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म 12 रबीउल अव्वल को हुआ था जबकि शियों का मानना है कि उन्होंने 17 रबीउल अव्वल को इस संसार में आंखें खोली थीं। बरसों पहले इस्लामी क्रांति के नेता इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह ने, जो एकता का निमंत्रण देने वालों में से एक थे, इन दोनों तारीख़ों के बीच के समय को एकता सप्ताह का नाम दिया था।