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फ़िलिस्तीनियों के लिए ईरान, विश्वसनीय स्तंभ हैः हनिया
May २३, २०२३ ०८:३६हमास का मानना है कि ईरान, फ़िलिस्तीनियों के लिए बहुत ही विश्वसनीय ढाल है।
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जकार्ता पहुंच गए रईसी, 11 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
May २३, २०२३ ०५:३५आधिकारिक यात्रा पर राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी मंगलवार को जकार्ता पहुंचे।
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जनरल सुलैमानी की नीति व्यवहारिक हो गयी, ईरान ने अरब संघ की बैठक में भाग लिया, अरब जगत ने ईरान की शक्ति के सामने सिर झुका दियाः इस्राईली विशेषज्ञ
May २२, २०२३ ०७:५५एक इस्राईली विशेषज्ञ ने कहा है कि अरब संघ में सीरिया के लौट आने से जनरल क़ासिम सुलैमानी की महत्वपूर्ण नीति व्यवहारिक हो गयी है।
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रईसी की जकार्ता यात्रा, द्विपक्षीय संबन्धों में विस्तार का अवसर
May २२, २०२३ ११:०९राष्ट्रपति रईसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के आधिकारिक निमंत्रण पर जकार्ता जा रहे हैं।
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डेनमार्क ने पवित्र क़ुरआन के अनादर की भर्त्सना की
May २२, २०२३ ०९:१४ईरान और डेनमार्क के विदेशमंत्रियों ने एक दूसरे से वार्ता की
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समूचा क़ुद्स फ़िलिस्तीन की राजधानी है और रहेगाः ईरान
May २२, २०२३ ०८:४९विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने जायोनी मंत्रिमंडल के एक अतिवादी सांसद द्वारा मस्जिदुल अक्सा के एक बार फिर अनादर किये जाने की भर्त्सना की और बल देकर कहा कि पूरा पवित्र कुद्स हमेशा फिलिस्तीन की राजधानी था और बाकी रहेगा।
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ईरान ने आतंकवादी हमले की तीव्र भर्त्सना की और हमले की वजह बतायी
May २१, २०२३ १४:०३विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने सरावान के आतंकवादी हमले की भर्त्सना करते हुए बल देकर कहा है कि पाकिस्तानी अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे दोनों देशों के मध्य आतंकवादी गुटों के दमन के संबंध में जो समझौते हुए हैं उन पर जल्द से जल्द अमल करेंगे।
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ईरान की विदेश नीति के मूल सिद्धांत
May २१, २०२३ १०:०८वरिष्ठ नेता ने चापलूसी न करने और बुद्दिमानी के साथ लचीली कूटनीति को सुरक्षित रखने पर बल दिया।
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सीमा पर ईरान के 5 जवान शहीद
May २१, २०२३ ०६:५४सीस्तान व बलोचिस्तान प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्र में ईरान के 5 सुरक्षा जवान शहीद हो गए।
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अरब लीग का शिखर सम्मेलन, छाए रहे बश्शार असद, ईरान के बारे में बदला सऊदी अरब का लहजा
May २०, २०२३ १४:१५अरब लीग का 32वां शिखर सम्मेलन 19 मई को सऊदी अरब की मेज़बानी में जिद्दा नगर में संपन्न हुआ। सम्मेलन के घोषणापत्र में अरब लीग में सीरिया की वापसी का स्वागत किया गया और अरब देशों के बीच सहयोग मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया लेकिन यमन, लेबनान, सूडान और लीबिया के संकटों के समाधान के लिए कोई व्यवहारिक प्रस्ताव सामने नहीं आया।