-
नेतनयाहू सरकार ने इस्राईल की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है
Jun २४, २०२४ १७:१४इस्राईली व्यापारियों ने नेतनयाहू के इस्तीफ़े की मांग करते हुए आम चुनावों के आयोजन पर बल दिया है।
-
क्या बिन गवीर का रवैया इस्राईल के प्रशासनिक ढांचे की टूट-फूट का इशरा है?
Jun १७, २०२४ १६:१३पार्स टुडे- इस्राईल के नेशनल सेक्युरिटी मिनिस्टर इतमार बिन गवीर केवल मंत्री मंडल के एक मंत्री नहीं हैं बल्कि हर जगह भटकते नज़र आते हैं और हर मामले में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
-
आयरिश सांसद ने नेतन्याहू और उनकी फिरऔनी सरकार के लिए बद्दुआ की+ वीडियो
Jun ०४, २०२४ १६:०७आयरिश सांसद थॉमस गोल्ड ने ग़ज़ा में इस्राईली शासन के अपराधों के फ़ोटोज़ और वीडियोज़ से बेहद परेशान और क्रोधित होकर कहा कि मुझे उम्मीद है कि नेतन्याहू और उनकी फ़िरऔनी सरकार और उनके जनरल नरक में जलेंगे।
-
नेतनयाहू को गरिफ़्तार करने की फिराक़ में हैं हालैण्ड के वकील
May ०८, २०२४ ०९:२८अपनी गिरफ़्तारी की संभावना को लेकर नेतनयाहू बहुत टेंशन में है।
-
फ़िलिस्तीन पर क़ब्ज़ा करने वाले अमेरिकी विश्वविद्यालयों से उठने वाली विरोध की आवाज़ से क्यों डरते हैं?
Apr २८, २०२४ ०६:१५पार्सटुडेः क्षेत्रीय समाचार पत्र रायलयूम के संपादक और अरब जगत के जाने-माने विश्लेषक "अब्दुल बारी अतवान" ने अपने नए लेख में अमेरिकी विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर इस्राईल के ख़िलाफ़ होने वाले विरोध प्रदर्शनों के विषय पर ध्यान दिलाया है।
-
इस्राईल का समर्थन करते हुए स्वीडन ने फ़िलिस्तीन के समर्थकों पर चलाया मुक़द्दमा
Mar २८, २०२४ १५:४६पार्सटुडे-ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनियों के अत्याचारों का विरोध करने वालों के विरुद्ध स्वीडन के अधिकारियों ने क़ानूनी कार्यवाही की है।/
-
विश्व का सामना करने के लिए अमरीका का एक हथकण्डा है इस्राईल
Mar २६, २०२४ १५:०६अमरीका के पास दुनिया का सामना करने के लिए एक अन्य उपकरण इस्राईल है।
-
फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार के समर्थकों के इंतेज़ार में फांसी का फंदा
Mar २१, २०२४ ०७:२४फ़िलिस्तीनियों के जातीय सफाए में लिप्त लोगों को दंडित किये जाने की मांग उठने लगी है।
-
दो कौड़ी की भी अहमियत नहीं है ज़ायोनी अधिकारियों की मुसलमानों के बीच
Feb २९, २०२४ १२:०४ज़ायोनी अधिकारियों के अत्याचारों और झूठ से उसके समर्थक देशों में भी विरोध की आवाज़ें उठने लगी हैं।
-
नेतनयाहू के विरोध में उतरी जनता
Feb २५, २०२४ ०७:२८बिनजमिन नेतनयाहू का विरोध अब फिर से पूरे ज़ायोनी शासन में फैलता जा रहा है।