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इस्राईल पागल हो गया है, ग़ज़्ज़ा पर तत्काल हमले रोक दे तेलअवीव, तुर्किए के राष्ट्रपति की चेतावनी
Oct २८, २०२३ १४:३३तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने कहा है कि इस्राईल पागल हो गया है, उन्होंने तेल अवीव से जल्द ही इस पागलपन की स्थिति से बाहर आने की सलाह देते हुए चेतावनी दी है कि वह ग़ज़्ज़ा पर अपने हमलों को तत्काल रोक दे नहीं दो इसके बहुत ही घातक परिणाम होंगे।
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झूठे आरोपों के दम पर घायल फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतारने की नेतन्याहू ने रची साज़िश, ग़ज़्ज़ा में अब तक का सबसे बड़ा मानवीय संकट
Oct २८, २०२३ ११:३५अवैध आतंकी शासन इस्राईल ग़ज़्ज़ा में हर तरह के युद्ध अपराधों को अंजाम दे रहा है। वहीं उसके इन जघन्य अपराधों में अमेरिका और कुछ यूरपीय देश बराबर के भागीदार हैं। द टाइम्स ऑफ इस्राईल की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी ज़ायोनी सेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह दावा किया है कि हमास का मुख्य संचालन केंद्र ग़ज़्ज़ा शहर में स्थित शिफ़ा अस्पताल के अंतर्गत है।
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फ़िलिस्तीनी जियालों ने फिर किया कमाल, इस्राईल के सैन्य ठिकाने पर फिर उतरे पैराग्लाइडर, ग़ज़्ज़ा में घुसपैठ की ज़ायोनी योजना हुई नाकाम
Oct २६, २०२३ ११:११एक ओर आतंकी इस्राईल अमेरिका और कुछ पश्चिमी दशों के साथ मिलकर लगातार ग़ज़्ज़ा की जनता का नरसंहार कर रहा है वहीं दूसरी ओर फ़िलिस्तीनी जियाले केवल आतंकी ज़ायोनी सैनिकों को ही निशाना बना रहे हैं। एक बार फिर हमास के जियालों ने वह कर दिखाया कि जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।
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मौत से किसको डरा रहा है इस्राईल! हमास ने कुछ यूं दिया आतंकी नेतन्याहू को जवाब
Oct २५, २०२३ १६:१४गज़्ज़ा पर जिस प्रकार आतंकी इस्राईल बमबारी कर रहा है उससे ऐसा लगा है कि वहां इंसानों की बस्ती नहीं है। यही तो वजह है कि लगभग सात हज़ार लोगों की मौत के बाद भी दुनिया ख़ामोश है। लेकिन जो ज़िंदा हैं वह है फ़िलिस्तीन की जनता।
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अकेले दौड़कर पहले स्थान पर आना चाहती हैं आजकल की सरकारें! लोकतंत्र का दावा करने वाले केवल सरकारी तंत्र के हैं सहारे
Oct १७, २०२३ १६:०९आजकल अगर पूरी दुनिया पर नज़र डाली जाए तो शायद ही कुछ देश ही मिलेंगे कि जहां सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से चल रही है। नहीं तो ज़्यादातर देशों और राज्यों की स्थिति देखने से पता चलता है कि वहां की सरकारें केवल और केवल सरकारी तंत्र और बल के सहारे ही अपना काम कर रही होती हैं। उदाहरण के तौर पर देश का संविधान यह कहता है कि अगर कोई शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसको इस बात की पूरी आज़ादी होगी। लेकिन ज़मीन पर बिल्कुल ऐसा नहीं है।
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फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!
Oct १७, २०२३ १३:२४एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।
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हमास के एक हमले में इस्राईल की खुली पोल, मदद के लिए फैलाए हाथ, हथियारों का ज़ख़ीरा लेकर पहुंचा अमेरिकी विमान
Oct ११, २०२३ १५:०८फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के एक हमले में इस्राईल रेत के पहाड़ की तरह ढह गया है। कल तक अपनी सैन्य शक्ति का गुणगान करने वाला अवैध आतंकी ज़ायोनी शासन आज इतना बेबस नज़र आ रहा है कि उसने अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों से मदद की गुहार लगाई है।
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गांधी का देश अब अटल नहीं, फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर भारत सरकार आतंकवाद के साथ! भारत की मेन स्ट्रीम मीडिया ने भी पार कीं सारी हदें
Oct १०, २०२३ १६:००फ़िलिस्तीन का मुद्दा एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है कि जिसके वास्तविक्ता शायद ही किसी से छिपी हो। दुनिया का हर देश यह अच्छी तरह से जानता है कि इस्राईल एक अवैध और आक्रमणकारी शासन है। आज जिस प्रकार वह फ़िलिस्तीनियों पर वह बम बरसा रहा है वही आतंकवाद का असली चेहरा है। क्योंकि जिनकी ज़मीन पर उसने अवैध रूप से क़ब्ज़ा कर रखा है उन्हीं को वह अब पूरी तरह फ़िलिस्तीन से बाहर निकालने की योजना पर काम कर रहा है।
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इस्राईल पर संकट गहराया, नेतन्याहू के त्यागपत्र की मांग उठी
Oct १०, २०२३ १४:२३हमास के हाथों ज़ायोनियों की ऐतिहासिक हार के बाद ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतन्याहू के ख़िलाफ़ आवाज़ें उठने लगी हैं।
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नेतन्याहू का दिमाग़ हुआ ख़राब, करी ऐसी ग़लती कि अब इस्राईल पर बरसेंगी चारों ओर से मिसाइलें!
Oct ०८, २०२३ १४:३१शनिवार को फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास ने अवैध ज़ायोनी शासन के अत्याचारों का जवाब देते हुए अलअक़सा तूफान आपरेशन आरंभ किया, इस अभियान में इस्राईल को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। वहीं शर्मसार कर देने वाली पराजय से बौखलाए ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक और मोर्चा खोल दिया है।