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हवा में उड़ती इस्राईली ताक़त, दुम दबाकर ग़ज़्ज़ा की सीमा से भागते हुए दिखाई दिए आतंकी ज़ायोनी सैनिक, वीडियो देखकर आप भी फ़िलिस्तीनी जियालों को करेंगे सलाम
Oct ३०, २०२३ १८:४५फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास की सैन्य शाख़ा क़स्साम ब्रिगेड और आतंकी इस्राईली सैनिकों के बीच ग़ज़्ज़ा के सीमावर्ती इलाक़े ईरज़ में मौजूद आतंकी ज़ायोनी सेना के ठिकाने के बिल्कुल नज़दीक भीषण झड़पें जारी हैं। इस बीच ग़ज़्ज़ा में घुसपैठ करने की योजना बना रही आतंकी इस्राईली सेना को उलटे पैर वापस भागना पड़ा है।
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झूठे आरोपों के दम पर घायल फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतारने की नेतन्याहू ने रची साज़िश, ग़ज़्ज़ा में अब तक का सबसे बड़ा मानवीय संकट
Oct २८, २०२३ १५:०५अवैध आतंकी शासन इस्राईल ग़ज़्ज़ा में हर तरह के युद्ध अपराधों को अंजाम दे रहा है। वहीं उसके इन जघन्य अपराधों में अमेरिका और कुछ यूरपीय देश बराबर के भागीदार हैं। द टाइम्स ऑफ इस्राईल की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी ज़ायोनी सेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह दावा किया है कि हमास का मुख्य संचालन केंद्र ग़ज़्ज़ा शहर में स्थित शिफ़ा अस्पताल के अंतर्गत है।
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हांपते-कांपते इस्राईल पहुंचने वाली अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं के लिए सूचना, अवैध शासन का समय अब पूरा हो चुका: इमामे जुमा तेहरान
Oct २७, २०२३ १७:२३तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने अलअक़्सा तूफ़ान ऑपरेशन से प्राप्त होने वाली उपलब्धियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस दिन अलअक़्सा तूफ़ान ऑपरेशन हुआ उस दिन को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के लिए अनुकंपा दिवस और ज़ायोनी शासन के लिए नक़्बा दिवस माना जाना चाहिए।
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अब न्यूज़ीलैंड ने भी भारत के मुकाबले में आधारिक तौर पर कनाडा के पक्ष का समर्थन कर दिया है।
Oct २६, २०२३ १९:१८भारत और कनाडा के बीच आरंभ हुआ राजनीतिक विवाद अब भी जारी है।
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दाइश, अलक़ायदा और अन्य आतंकवादी गुटों का असली चेहरा आया सामने, केवल मुसलमानों के नरसंहार की योजना का नाम है इस्लामी आतंकवाद!
Oct २५, २०२३ १४:५९पिछले कुछ दशकों से पूरी दुनिया में आतंकवाद की ऐसी लहर चली कि हर कोई उससे ख़ुद को प्रभावित होता हुआ देख रहा था। वहीं ख़ास बात यह थी कि इस आतंकवाद के साथ इस्लाम का शब्द भी जोड़ दिया गया था। देखते ही देखते अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस्लामी आतंकवाद को लेकर चर्चा होने लगी। इसका असर यह हुआ कि विश्वभर में लोग मुसलमानों को आतंकी के तौर पर देखने लगे। लेकिन इस आतंकवाद ने अगर सबसे ज़्यादा किसी को नुक़सान पहुंचाया तो वह कोई और नहीं बल्कि मुसलमान और इस्लामी देश ही हैं।
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अकेले दौड़कर पहले स्थान पर आना चाहती हैं आजकल की सरकारें! लोकतंत्र का दावा करने वाले केवल सरकारी तंत्र के हैं सहारे
Oct १७, २०२३ १९:३९आजकल अगर पूरी दुनिया पर नज़र डाली जाए तो शायद ही कुछ देश ही मिलेंगे कि जहां सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से चल रही है। नहीं तो ज़्यादातर देशों और राज्यों की स्थिति देखने से पता चलता है कि वहां की सरकारें केवल और केवल सरकारी तंत्र और बल के सहारे ही अपना काम कर रही होती हैं। उदाहरण के तौर पर देश का संविधान यह कहता है कि अगर कोई शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसको इस बात की पूरी आज़ादी होगी। लेकिन ज़मीन पर बिल्कुल ऐसा नहीं है।
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फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!
Oct १७, २०२३ १६:५४एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।
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आतंकवाद से मुक़ाबले के नाम पर आतंक के सबसे बड़े समर्थक बने अमेरिका और यूरोपीय देश! हमास और इस्राईल युद्ध में बिकाऊ मीडिया की भी खुली पोल
Oct १६, २०२३ १९:०३हमास और इस्राईल के बीच भयानक युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के नुक़सान का अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता। नुक़सान दोनों तरफ हो रहा है। फ़र्क़ सिर्फ इतना है कि इस्राईल के पास नवीनतम हथियार, लाखों प्रशिक्षित सैनिक, एक रक्षा प्रणाली के साथ-साथ विश्व शक्तियां उसका समर्थन कर रही हैं। दूसरी तरफ, केवल हमास है, जिसके पास हज़ारों सैनिक हैं। कोई नई तकनीक नहीं, कोई नए हथियार नहीं, कोई रक्षा प्रणाली नहीं।
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राष्ट्र संघ को भंग कर देना ही बेहतर, फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार पर बेबस अंतर्राष्ट्रीय संगठन, ग़ाज़ा में 2200 से अधिक मौतें
Oct १४, २०२३ १८:२३इस समय इस्राईल जिस प्रकार गाज़ा पर पाश्विक हमले कर रहा है और फ़िलिस्तीनियों को नरसंहार कर रहा है उससे यह बात साफ़ हो गई है कि क्योंकि उसको अमेरिका का समर्थन हासिल है इसलिए संयुक्त राष्ट्र संघ केवल खेद प्रकट करने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहा है।
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हसन नसरुल्लाह के बयान से इस्राईल में मची खलबली, हम पूरी तरह तैयार हैं!
Oct १४, २०२३ १५:२४हिज़्बुल्लाह महासचिव ने इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री के साथ मुलाक़ात में स्पष्ट रूप से यह कहा है कि हम पूरी तरह तैयार हैं और सारे विकल्प मेज़ पर मौजूद हैं।