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आख़िर इतनी नफ़रत लाते कहां से हैं? समाज में ज़हर घोलने वालों से रहें होशियार
Dec ०३, २०२३ १५:२७हमारे भारतीय समाज में धार्मिक सद्भावना की जड़ें इतनी गहरी हैं कि दुनिया भारत के इस सद्भावना पूर्ण इतिहास की मिसालें पेश करती है। भारत को "अनेकता में एकता" रखने वाले देश के रूप में जाना जाता है।
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ईरान और भारत के बीच दरार डालने वालों के लिए बुरी ख़बर, युद्ध की आग में रोटियां सेंकने वालों के टूटे सपने!
Nov २७, २०२३ १४:३५दुनिया भर में अशांति की आग भड़काने वाली शक्तियों का हमेशा यह प्रयास होता है कि वे इस अशांति की आग से जितना ज़्यादो हो सके लाभ उठा सके। यही हाल कुछ अवैध आतंकी इस्राईली शासन और फ़िलिस्तीन के लोकप्रिय जनांदोलन हमास के बीच ग़ज़्ज़ा में जारी युद्ध में भी देखा गया है। जहां इस्लामी गणराज्य ईरान समेत कुछ देश लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि ग़ज़्ज़ा में शांति स्थापित हो तो वहीं दुनिया की साम्राज्यवादी शक्तियां इस युद्ध की आग अधिक भड़काने के लिए हर स्तर को कोशिशें कर रही हैं।
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ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल करने की पूरी हो चुकी है तैयारी...भयानक पश्चिमी व इस्राईली मंसूबा स्वीकार करने के लिए कोई भी नहीं तैयार
Nov २०, २०२३ १३:२९इन दिनों अमरीका और यूरोप के नेताओं का ध्यान दो बातों पर बहुत केन्द्रित है और इस पर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ सेंटर्ज़ में भी बड़ा मंथन हो रहा है। यह दोनों विषय ग़ज़ा से जुड़े हुए हैं।
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आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?
Nov १५, २०२३ १२:३२इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।
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हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे, अमेरिका के कारण गिरती संयुक्त राष्ट्र संघ की साख!
Nov १३, २०२३ १५:२९जिस प्रकार ग़ज़्ज़ा में अवैध इस्राईली शासन द्वारा अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के समर्थन से सभी मानवाधिकारों और राष्ट्र संघ के प्रस्तावों को पैरों तले रौंदा जा रहा है उसको देखते हुए अब यह कहा जाने लगा है कि अमेरिका की मनमानी और उसकी वर्चस्ववादी नीतियों के कारण जिस प्रकार उसका पतन हो रहा है उसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ पर अमेरिका के लगातार बढ़ते प्रभाव की वजह से इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की साख मिट्टी में मिलती जा रही है।
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जंगों की सच्चाई बयान करता गज़्ज़ा युद्ध! जिसका पूरा होगा लक्ष्य वह होगा विजयी, फ़िलिस्तीनी दोहराएंगे इतिहास!
Nov १३, २०२३ १४:१२ग़ज़्ज़ा में एक ऐसी जंग जारी है कि जहां दुनिया के शक्तिशाली देश और शासन एक ओर हैं तो वहीं फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता के साथ हमेशा मज़लूमों का साथ देने वाले खड़े हुए हैं। इस युद्ध की तस्वीर इतनी साफ़ है कि कोई भी इंसान यह देखकर आसानी से बता देगा कि ज़ालिम कौन है और मज़लूम कौन है।
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हसन तेहरानी मुक़द्दम, महान मिसाइल मैन ने ईरान की ताक़त आसमान पर पहुंचाने के साथ ही रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ के बाज़ू मज़बूत कर दिए
Nov १२, २०२३ १५:५६हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने शनिवार के भाषण में बुरकान मिसाइल का नाम लिया और बताया कि यह मिसाइल इस्राईल के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया। इस मिसाइल का वारहेड 500 किलोग्राम का है और व्यापक विध्वंसक क्षमता रखता है।
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ब्लिंकन ने यह तो माना कि ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल न किया जाए मगर इससे सहमत हैं कि ग़ज़ा में नजरसंहार जारी रहे!
Nov ०६, २०२३ १७:०६फ़िलिस्तीन मूल के विख्यात पत्रकार अब्दुल बारी अतवान की समीक्षा अमरीकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने फ़रमाया कि ग़ज़ा के लोगों को जबरन वहां से विस्थापित किए जाने का वो विरोध करते हैं।
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ग़ज़ा युद्ध को एक महीना पूरा...इस्राईल के सामने 5 गंभीर चुनौतियां
Nov ०६, २०२३ १५:१७इस्राईल पर सात अक्तूबर को जो गहरा वार लगा उससे वह अब तक उबर नहीं सका है, इस बीच वो ग़ज़ा पट्टी में भयानक रूप से नरसंहार कर रहा है जिसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है मगर इस बीच ग़ज़ा पट्टी से इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों पर लगातार मिसाइल हमले हो रहे हैं। सवाल यह है कि इस्राईल के सामने क्या चुनौतियां हैं?
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हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?
Nov ०५, २०२३ १४:२७इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?