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अमरीका व ईरान क्या किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं? ट्रम्प सरकार की गलतियां गिनायी अमरीकी पत्रिका फॉरेन अफेयर्स ने ... पूर्व अमरीकी विदेश सचिव ने खोली पोल
Jul ०३, २०२० १२:३१अमरीकी पत्रिका फॉरेन अफेयर्स में अमरीका के पूर्व विदेश सचिव पुनीत तलवार का एक लेख छपा है जिसमें उन्होंने अमरीका व ईरान के संबंधों का तथ्यात्मक जायज़ा पेश किया है।
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अमरीकी दबाव के सामने अभेद्य होता जा रहा है ईरान, दबाव और कोरोना वायरस के बावजूद पनप रही है ईरानी इकानोमी
Jul ०३, २०२० ०६:४३अमरीकी मैगज़ीन फ़ारने पालीसी ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि अमरीका की अधिकतम दबाव की नीति अब ईरान के सामने नाकाम हो चुकी है।
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चीन की भारत को ऊंच नीच समझाने की कोशिशः पोम्पेयो के खोखले बयान से जाग जाए नई दिल्ली सरकार!
Jul ०३, २०२० ०३:१०चीन का सरकारी मीडिया भारत को लगातार समझाने की कोशिश कर रहा है कि वह अमरीका के बहकावे में न आए बल्कि अपनी आंख खोले। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो के उस बयान का हवाला दिया गया है जिसमें पोम्पेयो ने भारत में 59 चीनी एप्लीकेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन किया है।
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क्या आर्थिक दबाव की वजह से ईरान से दूर हो जाएगा ओमान?
Jul ०२, २०२० १३:३६इलाक़े में ओमान को ईरान का बहुत बड़ा और अच्छा दोस्त समझा जाता है लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। एलमानिटर ने इस संभावना का जायज़ा लिया है।
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क्या ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध बढ़ाने से उसकी सैन्य शक्ति पर असर पड़ेगा? स्पूतनिक का जायज़ा
Jul ०२, २०२० ११:०५अमरीका ने 30 जून को सुरक्षा परिषद मे होने वाली आनलाइन बैठक में एक बार फिर ईरान पर संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन सवाल यह है कि इन प्रतिबंधों की अवधि अगर बढ़ाई गयी तो ईरान पर उसका क्या असर पड़ेगा?
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चीन चाहता है कि भारत के लोग उसे सही प्रकार से समझें और लड़ने की बात दिमाग़ से निकाल दें संवाद और संपर्क की बात करें!
Jul ०२, २०२० ०२:४१चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ का मानना है कि भारत में चीन को लेकर सही समझ की कमी है और यह बात भारत के कुछ हल्क़े भी जानते हैं और इन हल्क़ों की ओर से ज़ोर दिया जा रहा है कि चीन को ठीक प्रकार से समझा जाए मगर समझौते के लिए बल्कि चीन का मुक़ाबला करने के लिए।
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वेस्ट बैंक का इलाक़ा हड़पने की इस्राईली साज़िश, क्या है नेतनयाहू की योजना? क्या रुख़ ले सकते हैं हालात? क्या होगी फ़िलिस्तीनियों की प्रतिक्रिया? मिडिल ईस्ट आई का जायज़ा
Jul ०१, २०२० १८:३८फ़िलिस्तीन का जो थोड़ा सा हिस्सा फ़िलिस्तीनियों के पास रह गया है उसमें से भी वेस्ट बैंक का तीस प्रतिशत भाग हड़प लेने की इस्राईल ने तैयारी पूरी कर ली है। इस्राईल की इस योजना का विरोध इस्राईल के विरोधी ही नहीं बल्कि घटक भी कर रहे हैं क्योंकि इस योजना के नतीजे में पूरे पश्चिमी एशिया में अस्थिरता बढ़ेगी।
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चीन से भारत की भिड़ंत के बाद क्या अब पाकिस्तान की बारी है?
Jul ०१, २०२० १२:४४हिमालिया के इलाक़े में भारत और चीन के बीच टकराव फ़िलहाल तो थम गया है लेकिन संकट बढ़ जाने की आशंका अब भी पूरी तरह मौजूद है। पिछले हफ़्ते भारत ने औपचारिक रूप से एलान कर दिया कि वह अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से संबंधों को कम कर रहा है और इसी फ़ैसले की तहत हाई कमीशन के स्टाफ़ में पचास प्रतिशत की कमी की जा रही है।
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कुत्तों और अमरीकी अधिकारियों में क्या है समानता? ... इराक़ी सुरक्षों बलों ने हिज़्बुल्लाह पर हमला क्यों किया? रूसी न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट
Jul ०१, २०२० १०:५५अभी कुछ दिन पहले इराक़ के आतंकवाद निरोधक बल ने अमरीका के सहयोग से इराक़ के हिज़्बुल्लाह ब्रिग्रेड की एक छावनी पर हमला किया और इस हमले को अमरीका व इस्राईल तथा सऊदी अरब के मीडिया ने खूब कवरेज दी।
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अमरीका का हाल उजड़े नवाब जैसा, ईरान के मुद्दे पर दुनिया ने वाशिंग्टन को ख़ारिज कर दियाः फ़ारेन पालीसी का विशलेषण
Jul ०१, २०२० १०:२६अमरीकी मैगज़ीन फ़ारेन पालीसी ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें यह कहा गया है कि अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने मंगलवार को विश्व स्तर पर अमरीका का रसूख़ दिखाने की कोशिश की और अकतूबर में समाप्त हो रहे ईरान पर लगे हथियार प्रतिबंधों का समय बढ़ाने के लिए सुरक्षा परिषद को ललकारा लेकिन हैरत की बात यह है कि सुपर पावर अमरीका के विदेश मंत्री को 15 सदस्यीय संस्था में अपने दोस्तों और विरोधियों सभी से मुंह की खानी पड़ी।