-
दुनिया के नेतृत्व का सपना तो दूर की बात है अमरीका अब विनाश की कगार पर जा खड़ा हुआ है, इसे बचाएगा कौन? यह नवम्बर के चुनाव नतीजों से पता चलेगा
Jun १६, २०२० १६:२६फ़्रांस के अख़बार लोमोंड ने अमरीकी-फ़्रांसीसी लेखक गाई सोरमैन का एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें सोरमैन का कहना है कि अमरीका के सपने ध्व्सत होते जा रहे हैं, अब अमरीका के भीतर आमदनी, हेल्थ केयर और एजुकेशन के क्षेत्रों में असमानता साफ़ नज़र आने लगी है इसका मतलब यह है कि यह देश अब अपने हाथों से ही अपना गला घोंट रहा है।
-
इस्राईल अगले कुछ हफ्तों में शुरु कर सकता है बड़ा युद्ध? ईरान व हिज़्बुल्लाह होंगे निशाना? इलाके के हालात को देखें इस्राईली अखबार की नज़र से
Jun १६, २०२० १४:२७जल्दी या देर लेकिन अमरीका में एक डेमोक्रेट राष्ट्रपति वाइट हाउस की सत्ता संभालेगा जिसके बाद के हालात में यह कहना कठिन होगा कि इस्राईल से दोस्ती के बावजूद वह क़्या क़दम उठा सकता है? गत दो बरसों के दौरान, डेमोक्रेटों की ओर से इस्राईल के समर्थन में कमी आयी है यहां तक कि डेमोक्रेट के राष्ट्रपति प्रत्याशियों ने कहा है कि इस्राईल को अमरीका की तरफ से दी जाने वाली सैन्य सहायता को वह पश्चिमी तट के बारे में इस्राईल की नीतियों पर निर्भर कर देंगे।
-
क्या तुर्की और पाकिस्तान परमाणु सहयोग की दिशा में जा रहे हैं, क्या यह सहयोग अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगा?
Jun १६, २०२० ०५:३१तुर्की की सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी ने इस्लामी जगत, विशेष रूप से सुन्नी आबादी में अपने देश की लोकप्रियता का प्रचार करने के लिए अप्रैल 2017 में कई क़दम उठाए। इनमें एक क़दम यह था कि रजब तैयब अर्दोगान की पार्टी ने पाकिस्तान की धरती पर एक एडवर्टिज़मेंट तैयार करवाया जिसमें दिखाया गया कि पाकिस्तान में एक तुर्क जोड़ा किसी कैफ़े में बैठा है।
-
अपना लोकतंत्र बचाने के लिए अमरीका को उसी दवा की एक ख़ुराक की ज़रूरत है जो वह दुनिया में बांटता रहा है
Jun १५, २०२० १२:२५अमरीकी मैगज़ीन फ़ारेन पालीसी ने स्मिथ जेफ़री और निक चीज़मैन का एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें दोनों लेखकों ने अमरीका के भीतर लोकतंत्र की दुर्दशा का जायज़ा लेते हुए इस बात पर ज़ोर दिया है कि अमरीका वैसे तो सारी दुनिया में लोकतंत्र लागू करवाने के लिए विश्व व्यापी प्रोग्राम चलाता है मगर इस बीच ख़ुद उसका अपना लोकतंत्र ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुका है।
-
मास्क पर चिपक जाने वाले कोरोना वायरस को आसानी से कैसे मारें?
Jun १५, २०२० ०३:४८दुनिया के अधिकतर देशों में लाक डाउन समाप्त कर दिया गया है और बाज़ार खुलने लगे हैं तो मास्क का प्रयोग लोगों की रोज़मर्रा की आदत बन गया है।
-
वाशिंग्टन पोस्टः अमरीका के माडर्न इतिहास में ट्रम्प से बड़ा नस्ल परस्त राष्ट्रपति कोई नहीं
Jun १४, २०२० १६:१३वाशिंग्टन पोस्ट ने अपने एक लेख में कहा है कि ट्रम्प बहुत बड़े नस्लवादी इंसान हैं जो पुलिस को प्रदर्शनकारियों और हिरासत में लिए गए लोगों के ख़िलाफ़ निरंकुशता के साथ बल प्रयोग की अनुमति दे रहे हैं।
-
वह इंसान जो रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का मज़बूत स्तंभ है, जो मुकेश अंबानी का दाहिना हाथ समझा जाता है, बहुत कम बोलता है, बहुत कम नज़र आता है मगर रिलायंस का मज़बूत रणनीतिकार है,
Jun १४, २०२० ०४:०३आर्थिक विषयों पर नज़र रखने वाली मैगज़ीन ब्लूमबर्ग में सरिता राय, पीआर संजाई और बैजू कैलेश का एक लेख प्रकाशित हुआ है जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की एक महत्वपूर्ण हस्ती मनोज मोदी के बारे में बताया गया है।
-
अपने सैनिकों के युद्ध अपराधों की जांच में प्रगति से सहमा अमरीका, आईसीसी की प्रासिक्यूटर और जजों को वीज़ा देने से इंकार, क्या अमरीकी सैनिकों के जेल की सलाखों के पीछे जाने के दिन क़रीब हैं?
Jun १३, २०२० ०४:३१विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ पर भारी प्रहार करने और लगभग 50 करोड़ डालर की सालाना फंडिंग रोक देने के बाद अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने इंटरनैशनल क्रिमनल कोर्ट के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया और अदालत की प्रासिक्यूटर फ़ातू बेनसोडा और न्यायिक पैनल के सभी सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
-
अमरीका में नस्लवाद के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शनों के बीच भारत के दलितों को नज़र आया मौक़ा, कहा भेदभाव केवल अमरीका में नहीं
Jun १२, २०२० १६:१८भारत में सदियों से अत्याचार और नाइंसाफ़ी झेलने वाले दलितों ने देश के सामने यह मांग रखी है कि वह स्वीकार करे कि दलितों पर अत्याचार हुआ है।
-
केवल सांस्कृतिक समानताओं के सहारे रणनैतिक साझेदारी को आगे नहीं घसीटा जा सकता, क्या बुनियादी बदलाव के लिए फ़राख़दिली दिखा पाएगी भारत सरकार?
Jun १२, २०२० १०:०२यह ख़बर चौंकाने वाली भी है कि भारत-नेपाल सीमा पर शुक्रवार को होने वाली फ़ायरिंग में पांच भारतीय घायल हो गए जबकि एक युवक की मौत हो गई, एक जख्मी युवक को नेपाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह ख़र भारतीय मीडिया ने दी है जबकि नेपाल पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। मगर दूसरी ओर यह ख़बर चौंकाने वाली नहीं भी है।