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बड़ा सवाल, क्या अमरीका तेल की क़ीमत को संभालने के लिए ईरान पर हमला कर देगा? कौन देगा इस युद्ध का खर्चा? मिस्री समाचार पत्र का रोचक विश्लेषण
Apr २३, २०२० ०६:१५मिस्र के समाचार पत्र अलअरबी 21 की वेबसाइट पर फ्रास अबू हेलाल ने अपने एक लेख में ईरान के खिलाफ अमरीकी युद्ध की संभावनाओं का जायज़ा लिया है और उसके कई आयामों पर प्रकाश डाला है। हालांकि यह एक सच्चाई है कि ईरान के खिलाफ सीमित युद्ध की शक्ति किसी में नहीं है और ईरान , क्षेत्र के इराक जैसे अन्य देशों से बहुत अलग है।
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तीन कारणों से धराशायी हो गई तेल की क़ीमत, हमें नहीं लगता कि अब पहले वाले हालात बहाल हो पाएंगे, पूरी अरब दुनिया बहुत बड़े बदलाव की कगार पर
Apr २२, २०२० ०५:२१इस समय विश्व स्तर पर फैले तेल संकट के तीन बड़े कारण हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि अमरीका के टेक्सास आयल की क़ीमत ज़ीरों से 37 डालर नीचे चली गई है। यानी तेल बेचने वाला ख़रीदने वाले को रक़म अदा करने पर मजबूर है।
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क्या भारत में कोरोना वायरस की आड़ में कोई और खेल हो रहा है? भारतीय लोगों के सामने कोरोना के साथ-साथ नफ़रत और भूख का भी संकट
Apr २१, २०२० १३:२२दुनिया इस समय कोरोना वयरस से बुरी तरह जूझ रही है। इस घातक वायरस से सबसे ज़्यादा दुनिया के विकासशील देश प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। वहीं इस वायरस का प्रकोप भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में भी अब दिखने लगा है। लेकिन भारत में इस घातक वायरस से ज़्यादा ख़तरनाक वायरस पहले से ही मौजूद था जिससे हर वर्ष सैकड़ों लोग जहां अपनी जान गंवाते हैं वहीं इसका गहरा असर पूरे समाज पर पड़ता है।
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एक बड़े युद्ध की आहट! क्या तेल को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब आमने-सामने आ गए हैं? जब दोस्त दुश्मन बनता है तो नतीजा भयानक होता है!
Apr २१, २०२० ११:३५रियाज़ द्वारा हालिया दिनों में तेल की क़ीमत कम किए जाने के बाद सऊदी अरब और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं। जानकारों का कहना है कि जिस अंदाज़ में सऊदी अरब और अमेरिका आमने-सामने आए हैं उससे लगता है कि दोनों देश एक बड़े युद्ध की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
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बड़ा संकट और नाकाम नेता, कोरोना से सामने आ गई लीडरों की हक़ीक़त, कोई संकट के वजूद का इंकार करता रहा, किसी ने इसे दमन का माध्यम बना लिया!
Apr २१, २०२० ०६:२४अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ मोज़ीस नेईम का मानना है कि कोरोना संकट ने दुनिया को हिलाकर रख दिया वह भी इन हालात में जब नेतृत्व का एक बड़ा संकट मौजूद है।
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तेज़ी से बदल रहे हालात में ईरानी ख़ैमे से क़रीब हो रहे हैं अरब देश, जवाद ज़रीफ़ की दमिश्क़ यात्रा का मक़सद नए रुख़ का मूल्यांकन है, कोरोना के बाद क्या नया मिडिल ईस्ट जन्म ले रहा है?
Apr २१, २०२० ०४:२४पश्चिमी एशिया के इलाक़े में एक बड़े बदलाव की शुरुआत के इशारे मिल रहे हैं। ईरान ने अपना पुराना स्टैंड फिर दोहराया है कि वह क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों से बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार है।
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भविष्य के हालात का पहले से अंदाज़ा कैसे लगा लेते हैं आयतुल्लाह ख़ामेनई? सुप्रीम लीडर के वह फ़ैसले जो उनकी दूरदर्शिता के सुबूत हैं!
Apr २०, २०२० १४:४३ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने 1990 के दशक में यह विचार पेश किया कि देश की अर्थ व्यवस्था को तेल पर निर्भरता की स्थिति से बाहर निकाला जाना चाहिए।
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ट्रम्प आग से खेल रहे हैं, क्या गृह युद्ध की ओर जा रहा है अमरीका? अरब नेताओं और नेतनयाहू से क्या है ट्रम्प की समानता?
Apr २०, २०२० ०४:४१अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प देश में डेमोक्रेट प्रशासन के ख़िलाफ़ अपने समर्थकों को उकसा रहे हैं और हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों से कह रहे हैं कि वह सड़कों पर उतर पडें और स्थानीय प्रशासनों की ओर से कोरोना वायरस के कारण किए गए लाक डाउन को पूरी तरह नज़र अंदाज़ कर दें।
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हिज़्बुल्लाह का उच्च नेतृत्व कभी नहीं सोता और अगर सो भी जाए तो आंखें खुली रहती हैं और दक्षिणी सीमा पर टिकी रहती हैं, इसी चीज़ ने इस्राईलियों की नींद हराम कर रखी है!
Apr १९, २०२० ०६:१५लेबनान से मिली सीमा पर इस्राईली कंटीली बाढ़ में सूराख़ नज़र आते हुए इस्राईली फ़ोर्सेज़ पर बौखलाहट छा गई। सैनिक अधिकारियों ने तत्काल इमरजेंसी का एलान किया और व्यापक जांच शुरू कर दी। केवल सूराख़ नज़र आने पर यह हाल है तो अगर इस सूराख़ से हिज़्बुल्लाह के जवान गुज़र कर इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में घुस जाएं तो क्या हालत होगी?!
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हिज़्बुल्लाह के कमांडरों की हत्या करने के लिए इस्राईल ने किया ड्रोन हमला, कैसे बच निकले यह कमांडर, क्या था उनका ख़ुफ़िया मिशन?
Apr १७, २०२० ०४:४७सीरिया और लेबनान की सीमा के निकट हिज़्बुल्लाह के 4 फ़ील्ड कमांडरों की गाड़ी पर ड्रोन विमान से राकेट हमला करके इस्राईल ने उन्हें क़त्ल करने की कोशिश की जो नाकाम रही, इसका मतलब यह है कि इस्राईल इस समय जब कोरोना वायरस की रोकथाम की कोशिशों में लगा हुआ है तब भी उसका ध्यान सबसे बड़े ख़तरे यानी हिज़्बुल्लाह की ओर केन्द्रित है।