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कई वर्षों तक जेल में रहने के बाद मुसलमान आरोपी बाइज़्ज़त बरी
Feb २९, २०२४ १४:०३बम विस्फोटों और सांप्रदायिक हिंसा के आरोपों में गिरफ़्तार कई मुसलमानों को वर्षों के बाद बाइज़्ज़त बरी कर दिया गया।
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भारत में संविधान और अदालत पर चलता बुल्डोज़र! क्या सबके विनाश की ओर बढ़ रही है मोदी सरकार?
Apr २०, २०२२ १६:५३दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में सांप्रदायिक हिंसा के भड़कने के चार दिनों बाद 20 अप्रैल को स्थानीय प्रशासन ने कई झुग्गियों, मकानों और दुकानों पर बुल्डोज़र चलवा कर उन्हें तुड़वा दिया।
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भारत में बढ़ते हुए सांप्रदायिक दंगे और सरकार की चुप्पी...
Apr २०, २०२२ ०६:३८भारत में इन दिनों सांप्रदायिकता का राज हो गया है, हर तरफ़ ज़हर घोला जा रहा है, हिन्दु और मुसलमानों को आपसी में लड़ाने की कोशिशें हो रही हैं, टीकाकार भारत के भविष्य के लिए इसे ख़तरनाक बता रहे हैं।
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भारतीय युवाओं के हाथों में कौन थमा रहा है क़लम की जगह हथियार? शांति का संदेश देने वाले धर्मों के नाम पर हिंसा!
Apr १९, २०२२ ०९:१०भारत में रामनवमी और हनुमान जयंती का त्योहार समाप्त हो जाने के बाद अभी भी इस देश के कई हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा और तनाव की ख़बरें आ रही हैं। कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन ने कर्फ़्यू लगाया है लेकिन पुलिस द्वारा एक तरफ़ा कार्यवाही की भी बात सामने आ रही है।
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भारत में रमज़ान, मुसलमान और समस्याएं
Apr १४, २०२२ ०८:५०भारत मैं मुस्लमानओं के विरुद्ध कट्टरपंथी हिन्दुऔं का उग्र व्यवहार
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राजनीति और अंध भक्ति का शिकार होती भारतीय पुलिस, जेल जाते बेगुनाह, फटकार लगाती अदालतें
Sep ०४, २०२१ ०६:१७एक बहुत पुरानी कहावत है कि जिसकी लाठी उसकी भैंस, यह हाल भारतीय पुलिस का है। जिसकी सत्ता उसकी पुलिस। आजकल भारत की किसी न किसी अदालत से पुलिस को लगातार फटकार लगती दिखाई दे रही है। इस मामले में दिल्ली पुलिस सबसे आगे है। क्योंकि दिल्ली में वर्ष 2020 के फ़रवरी महीने में हुए संप्रदायिक दंगे में हो रही जांच ने न्यायलय को भी आक्रोशित कर दिया है।
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आज़ाद भारत की ग़ुलाम पुलिस, दिल्ली दंगा जांच ‘संवेदनाहीन और हास्यास्पद’ क़रार
Jul १५, २०२१ ०४:५४भारत की राजधानी दिल्ली दंगा मामले में जांच को ‘संवेदनाहीन और हास्यास्पद’ क़रार देते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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वीडियो रिपोर्टः भारत की बदलती तस्वीर, क़ातिल सड़कों पर मज़लूम जेलों में, अदालतों के फ़ैसलों को ठेंगा दिखाती पुलिस
Jun १७, २०२१ १४:५२देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ़ इकबाल तन्हा... ये उन तीन स्टूडेंट्स के नाम हैं जिन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को ज़मानत दी। तीनों के ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों की रोकथाम संबंधी क़ानून (UAPA) के मुक़दमे दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट कहती है कि 2020 में हुए दंगों के पीछे इनकी व अन्य आरोपियों की साज़िश थी। अदालत ने इन आरोपों का ख़ारिज कर दिया है। दिल्ली से हमारे संवाददाता शमशाद काज़मी की रिपोर्ट।
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बिना मुक़दमे के क़ैद, राजनैतिक बंदियों के साथ राज्य का व्यवहार क्या बता रहा है?
Jun १२, २०२१ ०५:२५इंडियन एक्सप्रेस में हर्ष मंदर लिखते हैः भीमा कोरेगांव के मुल्ज़िमों को राज्य द्वारा क़ैद हुए तीन साल हो चुके हैं। कोविड-19 और उनकी सेहत का सामने मौजूद ख़तरे के बावजूद राज्य उनकी ज़मानत का विरोध कर रहा है।
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कार्यक्रम आज की बातः दिल्ली दंगे की कुछ ऐसी सच्चाई जो शायद आपने अबतक नहीं सुनी होगी, दिल्ली दंगे से हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों को नुक़सान पहुंचा लेकिन
Mar १५, २०२१ १३:२०भारत में संशोधित नागरिकता क़ानून के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।