Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

हुर्मुज़ द्वीप

  • उल्यानोव: हुर्मुज़ स्ट्रेट वाशिंगटन का तर्क समझ में नहीं आता

    उल्यानोव: हुर्मुज़ स्ट्रेट वाशिंगटन का तर्क समझ में नहीं आता

    Aug १५, २०२६ १३:४२

    पार्सटुडे – वियना में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि 'मिखाइल उल्यानोव' ने हुर्मुज़ स्ट्रेट के बारे में अमेरिकी दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए, इस जलमार्ग में नौवहन की स्वतंत्रता के बारे में वाशिंगटन के दावे को विरोधाभासी बताया और जोर देकर कहा कि इस संबंध में अमेरिकी तर्क समझ में नहीं आता है।

  • क़तर: ईरान और ओमान के बीच हुर्मुज़ स्ट्रेट पर वार्ता में प्रगति हुई है

    क़तर: ईरान और ओमान के बीच हुर्मुज़ स्ट्रेट पर वार्ता में प्रगति हुई है

    Aug ११, २०२६ १८:५७

    पार्सटुडे – क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने घोषणा की कि ईरान और सल्तनते ओमान के बीच हुर्मुज़ स्ट्रेट पर वार्ता जारी है।

  • एडमिरल तंगसीरी: ईरान के द्वीप

    एडमिरल तंगसीरी: ईरान के द्वीप "मजबूत किले" हैं / ईरान पड़ोसियों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करने को तैयार है

    Nov ०४, २०२५ १२:०३

    पार्स टुडे - इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर ने ईरान की सशस्त्र बलों की पूरी तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि ईरान के द्वीप "मजबूत किले" हैं और वहां तैनात योद्धा उच्च इच्छाशक्ति और आध्यात्मिकता के साथ देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तैयार हैं।

  • ईरान एक झटके में यूरोपीय देशों के अहंकार को मिट्टी में मिला सकता है, लेकिन ऐसा क्यों नहीं करता इसकी वजह जानकर आप भी करेंगे तारीफ़

    ईरान एक झटके में यूरोपीय देशों के अहंकार को मिट्टी में मिला सकता है, लेकिन ऐसा क्यों नहीं करता इसकी वजह जानकर आप भी करेंगे तारीफ़

    Feb २७, २०२३ १६:५२

    एक ओर अमेरिका के साथ मिलकर यूरोपीय देश लगातार ईरान पर अमानवीय और ग़ैर-क़ानूनी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। साथ ही पाबंदियां लगाने वाले देश यह नहीं सोचते हैं कि इन प्रतिबंधों से कौन लोग सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं। वे तो केवल अपनी ताक़त और अहंकार का प्रदर्शन करने में ही अपनी जीत समझते हैं।

टॉप न्यूज़
  • ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

    ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

    ६ hours ago
  • पेज़ेश्कियान: यदि वे हमसे लड़ना चाहेंगे, तो हम शक्ति के साथ जवाब देंगे

  • अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक: नेतन्याहू के पास अब सुने जाने के लिए कुछ नहीं है

  • साद-उस-सल्तनह, क़ज़्वीन का भव्य कारवांसराय जहाँ सदियों का इतिहास और संस्कृति जीवित हो उठती है

  • ग़रीब-आबादी: अंतरराष्ट्रीय क़ानून चयनात्मक नहीं होने चाहिए

संपादक की पसंद
  • यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

    यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

    १ day ago
  • पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

    पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

    १ day ago
  • रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

    रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

    १ day ago
अधिक देखी गई ख़बरें
  • रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

  • यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

  • पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

  • ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

  • पेज़ेश्कियान: यदि वे हमसे लड़ना चाहेंगे, तो हम शक्ति के साथ जवाब देंगे

  • साद-उस-सल्तनह, क़ज़्वीन का भव्य कारवांसराय जहाँ सदियों का इतिहास और संस्कृति जीवित हो उठती है

  • विलायती: सना से नजफ़ तक, प्रतिरोध मोर्चा एक है

  • अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक: नेतन्याहू के पास अब सुने जाने के लिए कुछ नहीं है

  • लिबरमैन: नेतन्याहू ने इसराइल को आर्थिक पतन और वैश्विक अलगाव की ओर धकेल दिया है

  • ग़रीब-आबादी: अंतरराष्ट्रीय क़ानून चयनात्मक नहीं होने चाहिए

Pars Today

© 2026 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस