हलब की स्थिति, असद पर दबाव का साधन
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i10444-हलब_की_स्थिति_असद_पर_दबाव_का_साधन
सीरिया के हलब नगर के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित हुई जिसमें इस नगर की संकटमयी स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए झड़पों की तुरंत समाप्ति की मांग की गई।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
May ०५, २०१६ १६:५७ Asia/Kolkata

सीरिया के हलब नगर के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित हुई जिसमें इस नगर की संकटमयी स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए झड़पों की तुरंत समाप्ति की मांग की गई।

रूस के प्रतिनिधि विताली चोरकीन ने इस बैठक में कहा कि सशस्त्र गुटों के हमलों के कारण हलब की स्थिति चिंताजनक है और सीरियाई सेना, इस नगर में आतंकी गुटों के हमलों का मुक़ाबला कर रही है। राष्ट्र संघ के मानवीय सहायता के कार्यक्रम के अधिकारी स्टीफ़न ओब्राइन ने भी इस बैठक में कहा कि हलब के लोगों का जीवन बुरी तरह से ख़तरे में है। राजनैतिक मामलों में राष्ट्र संघ के महासचिव के सहायक जेफ़री फ़ेल्टमैन ने इस अवसर पर कहा कि एक मज़बूत संघर्ष विराम लागू करके और लोगों तक मानवीय सहायताएं पहुंचा कर ही सीरिया की शांति वार्ता के अगले चरण को सुनिश्चित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रगति के बिना सीरिया में राजनैतिक प्रक्रिया गंभीर ख़तरे में पड़ सकती है।

अमरीका व रूस के बीच सहमति के बाद सीरिया में 27 फ़रवरी से संघर्ष विराम लागू हुआ था अलबत्ता इस संघर्ष विराम में दाइश और नुस्रा फ़्रंट को शामिल नहीं किया गया है। इन दोनों गुटों ने संघर्ष विराम लागू होने के आरंभिक दिनों से ही हलब में अपने हमले तेज़ कर दिए और सीरीया की सेना ने भी नागरिकों की रक्षा के लिए इन आतंकी गुटों के ठिकानों को निशाना बनाया। आतंकी गुट सीरिया की सरकार पर संघर्ष विराम के उल्लंघन और हलब के लोगों का जनसंहार करने का आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें उन्हें सऊदी अरब में रह रहे सीरियाई सरकार के विरोधियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। यह गुट जेनेवा शांति वार्ता के हालिया चरण से निकल चुका है। सऊदी अरब, तुर्की, अमरीका और क़तर ने जेनेवा वार्ता को, बश्शार असद की सत्ता के अंत की प्रक्रिया का नाम दे रखा है और अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे हर संभव क़दम उठा रहे हैं। बश्शार असद पर हलब में जनसंहार का आरोप ऐसी स्थिति में लगाया जा रहा है कि जब मंगलवार को हलब के एक अस्पताल को रॉकेट से जिस क्षेत्र से निशाना बनाया गया था वह आतंकी गुटों के नियंत्रण में है। इन सबके बावजूद सीरिया की सरकार अपनी सद्भावना ज़ाहिर करने के लिए जेनेवा वार्ता में शामिल होती रही है। हलब में संघर्ष विराम पर सहमति को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। अलबत्ता उसकी सद्भावना का अर्थ यह नहीं है कि वह आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष छोड़ देगी बल्कि वह और सीरियाई जनता अधिक शक्ति से यह संघर्ष जारी रखेगी। (HN)