28 वर्षीय एक फ़िलिस्तीनी की दर्दनाक कहानी...वीडियो रिपोर्ट
फ़िलिस्तीन के बीता शहर में छह महीने से कम समय में यह नवां फ़िलिस्तीनी शहीद है जिसे अतिग्रहणकारी ज़ायोनी सैनिकों ने शहीद कर दिया।
इस फ़िलिस्तीनी शहीद की ज़मीन जबले सबीह नामक इलाक़े में है जिस पर अवैध कालोनी के ज़ायोनियों ने क़ब्ज़ा कर लिया। बीता इलाक़े के निवासी फ़िलिस्तीनी हर शुक्रवार को इस ज़मीन को हासिल करने के लिए सड़कों पर निकल कर प्रदर्शन करते हैं।
बीता के निवासी एक फ़िलिस्तीनी नागरिक यासिर का कहना है कि उस फ़िलिस्तीनी व्यक्ति की ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया था, जबले सबीह इलाक़े में उसके पिता की भी ज़मीन थी जिस पर क़ब्ज़ा कर लिया गया, वह अपना हक़ और अपनी ज़मीन लेने के लिए घर से निकला, हम फ़िलिस्तीनी, अरबी और अंतर्राष्ट्रीय पक्षों से अपील करते हैं कि हमारा साथ दें और बीता में बहने वाली ख़ून की नदियां रुकवाएं।
उसकी उम्र 28 साल थी, वह हर प्रदर्शन में शामिल हुआ, उसने तीर और धनुष से प्रतिरोध किया, उसने अपनी ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने वाले इस्राईली सैनिकों पर पथराव भी किया, उसका यह कहना बहुत मश्हूर हुआ कि हम जबले सबीह से नहीं निकलेंगे, यहां से निकलेंगे तो इस्राईली, इस्राईलियों ने उसके सिर में गोली मारी और वह उसी गोली से शहीद हो गया।
एक अन्य फ़िलिस्तीनी नागरिक ख़लील बैतावी का कहना है कि अगर बीता के रहने वाले सारे लोग शहीद हो जाएं तब भी हम एक इंच ज़मीन से पीछे नहीं हटेंगे, मैं इस्राईल की जेल में बंद था, हमने वहां देखा कि वह किस तरह हमारे साथ बर्ताव करते हैं, उनमें तनिक भी दया नहीं है, ईश्वर शहीद पर कृपा करे और हम पूरी ताक़त से शहीद के रास्ते को जारी रखेंगे। इस्राईलियों ने बिना किसी रहम के उसको शहीद कर दिया। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए