प्रतिरोध ने लेबनान की पहचान को सुुरक्षित रखा हैः नसरुल्लाह
हिज़बुल्लाह के महासचिव का कहना है कि प्रतिरोध के ख़ून और उसके प्रयासों ने लेबनान की सुरक्षा की है।
लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हिज़बुल्लाह के महासचिव ने बुधवार को प्रतिरोध के शहीदों के संबन्ध में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने सबसे पहले हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शुभ जन्मदिवस पर बधाई दी सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ज़ायोनियों का सन 1982 का हमला वास्तव में सीरिया और फ़िलिस्तीन के लिए गंभीर ख़तरा था। उन्होंने कहा कि यह हमला उससे अधिक लेबनान के लिए ख़तरा था क्योंकि इस देश की पहचान के लिए संकट पैदा हो गया था।
हिज़बुल्लाह के महासचिव ने बताया कि प्रतिरोध ने सभी गुटों के साथ मिलकर लेबनान की पहचान की रक्षा की। उन्होंने बताया कि ज़ायोनी षडयंत्र से मुक़ाबले के लिए मज़बूत ताक़त की ज़रूरत थी। उन्होंने बताया कि राग़िब हर्ब, सैयद अली मूसवी और एमाद मुग़निया जैसे शहीदों ने प्रतिरोध की जड़ों को मज़बूत किया।
सैयद हसन नसरुल्लाह के अनुसार एमाद मुग़निया और क़ासिम सुलैमानी की विचारधारा ने अवसर पैदा किये। अपने संबोधन के अंत में हिज़बुल्लाह के महासचिव ने लेबनानी राष्ट्र की हर प्रकार की सुरक्षा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हमने बहुत पहले से ड्रोन बनाने आरंभ कर दिये हैं।
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