कर्बला में दसियों लाख श्रद्धालुओं की भीड़
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और हज़रत अब्बास के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर दसियों लाख श्रद्धालु इराक़ के पवित्र नगर कर्बला पहुंच रहे हैं।
इस अवसर पर इराक़ी नगरों के अलावा, भारत, लेबनान, पाकिस्तान, और ईरान से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
दक्षिणी लेबनान से क़ुरआन के क़ारी महमूद स्वैदान ने कहा कि लोग अन्याय और अधर्मिता के ख़िलाफ़ इमाम हुसैन के अभियान से पाठ ले सकते हैं।
पाकिस्तानी श्रद्धालु तुफ़ैल शाह ने कहा, “इस्लाम और ईश्वर के मार्ग में ख़ुद को और अपने पूरे परिवार को क़ुर्बान करके” इमाम हुसैन ने इस्लाम को बचाया।
680 ईसवी में बनी उमय्या शासक यज़ीद के ख़िलाफ़ 10 मोहर्रम को कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन अपने 72 निष्ठावान साथियों के साथ जिसमें परिजन भी शामिल हैं, कर्बला में शहीद हुए। उन्हें इसलिए शहीद किया गया क्योंकि उन्होंने अत्याचारी शासक यज़ीद का आज्ञापालन करने से मना कर दिया था।
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के बाद यज़ीदी सैनिक उनके परिजनों को जिसमें बच्चे और औरतें शामिल थीं, क़ैदी बनाकर कूफ़ा और फिर कूफ़ा से दमिश्क़ ले गए थे।(MAQ/N)