सऊदी अरब में फांसियों से राष्ट्रसंघ नाराज़
सऊदी अरब में मानवाधिकारों की ख़राब स्थति की संयुक्त राष्ट्रसंघ ने कड़ी आलोचना की है।
राष्ट्रसंघ के महासचवि एंटोनियो गुटेरस ने एक बयान जारी करके सऊदी अरब में दी जाने वाली ग़ैर क़ानूनी फांसियों की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में होने वाले मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन की कड़ी आलोचनाओं के बावजूद इस देश में फांसियों का सिलसिला रुक नहीं पा रहा है।
राष्ट्रसंघ के महासचिव के अतिरिक्त ह्यूमन राइट्स वाॅच ने भी कई बार सऊदी अरब में दी जाने वाले उन फांसियों की निंदा की है जो सरकार के आलोचकों को विभिन्न आरोप लगाकर दी जाती हैं।
संयुक्त राष्ट्रसंघ ने सऊदी अरब से मांग की है कि उन लोगों को आज़ाद किया जाए जिनको क़ानूनी उम्र से पहले गिरफ़्तार किया गया और बाद में यातनाएं देकर उनसे कुछ बातें उगलवाई गईं और बाद में उनको फांसी का आदेश जारी किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में पिछले छह महीनों के दौरान 120 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। सऊदी सरकार के लिए यह भी मश्हूर है कि जो भी नागरिक इस सरकार के कामों की आलोचना करता है उसपर विभिन्न प्रकार के आरोप मढ़कर उसको जेल में ठूंस दिया जाता है। यही कारण है कि सऊदी अरब की जेलों में बड़ी संख्या में राजनीतिक क़ैदी भी बंद हैं।
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