सीरिया पर तुर्किया के हमले के पीछे क्या है मक़सद?
उत्तरी सीरिया से निकलने के लिए दमिश्क के अधिकारियों के साथ अंकारा के समझौते के बावजूद, सीरिया के उत्तरी क्षेत्रों पर तुर्किया की सेना के हमले अभी भी जारी हैं।
इस संबंध में तुर्क समाचार साइट "टीआरटी" ने सीरिया के तल रफअत क्षेत्र में तुर्किया की सेना के हमलों में पीपुल्स डिफेंस यूनिट्स "वाईपीजी" के 20 लोगों की मौत की सूचना दी है। इस तुर्क समाचार एजेंसी ने यह भी दावा किया कि पीपुल्स डिफेंस यूनिट्स (YPG) द्वारा उंजू पेनार क्षेत्र में देश की सीमा रक्षक चौकी पर रॉकेट लॉन्चरों से हमला करने के बाद तुर्किया की सेना के हमले शुरू हुए हैं।
तुर्किया के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर एक बार फिर ज़ोर दिया है कि देश की सेना आतंकवादी हमलों का जवाब ज़रूर देगी। वास्तव में ऐसा लगता है कि सीरिया के उत्तरी क्षेत्रों पर तुर्की का हालिया हमला, जवाबी कार्रवाई थी। इस संदर्भ में उत्तरी सीरिया में विपक्ष और आतंकवादी गुटों से जुड़े सूत्रों ने इदलिब के पूर्वी दरआ में तुर्किया की सेना के ठिकानों पर सीरियाई सेना के भारी तोपख़ाने के हमले की सूचना दी है।
आतंकवादी गुट हय्यअत तहरीर अल-शाम से जुड़े मीडिया सूत्रों ने दावा किया है कि पिछले रविवार को सीरियाई सेना ने इस क्षेत्र में तुर्किया के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस हमले में तुर्किया के कई सैनिक या तो मारे गए या घायल हुए। इस दावे की अभी तक आधिकारिक सूत्रों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। इस मामले में सीरियाई सरकार ख़मोश है। इसीलिए ऐसा लगता है कि पिछले रविवार को अमरीकी सेना की मदद से कुर्दिश मिलिशिया द्वारा तुर्क बलों पर हमले की योजना बनाई गई थी।
इन हालात में मूल प्रश्न यह उठता है कि अंकारा और दमिश्क की सरकारों के साथ हालिया समझौतों के बावजूद तुर्क सैन्य बल, सीरियाई भूमि पर हमला क्यों जारी हुए रख हुए हैं? इस संबंध में कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सीरियाई कुर्दों के ख़िलाफ़ तुर्की का संभावित ज़मीनी हमला राजनीतिक कारणों से है न कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए। कुछ विशेषज्ञ यहां तक कहते हैं कि तुर्किया, सीरियाई कुर्दों पर संभावित ज़मीनी हमले से राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है और यह हमला चुनाव के समय जितना क़रीब होगा, उतना अधिक उसे राजनीतिक लाभ मिलेगा। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसी में तुर्किया की घरेलू नीति के एक विश्लेषक सिनान जद्दी ने भी फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कह कि तुर्किया द्वारा सीरियाई कुर्दों के ख़िलाफ सैन्य हमले को विलंबित किये जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं और इसका राष्ट्रीय सुरक्षा या रणनीतिक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए