इराक़ में तख़्तापलट की अफ़वाहों के पीछे अमरीका की साज़िश
इराक़ के संसदीय गठबंधन अल-फ़तह के एक सदस्य ने देश में जारी अमरीका की एक बड़ी साज़िश का ख़ुलासा करते हुए अल-सूदानी सरकार को चेतावनी दी है।
ग़ौरतलब है कि 2011 में इराक़ से अपमानित होकर अमरीकी सेना के निकलने के बाद, वाशिंगटन ने इस देश के स्रोतों को लूटने के लिए बास पार्टी के तत्वों के समर्थन से दुनिया के सबसे ख़ूंख़ार आतंकवादी गुट दाइश का गठन किया था।
एक बार फिर अमरीका इराक़ में दाइश के बचे-खुचे आतंकवादियों और बास पार्टी के पूर्व सदस्यों को लामबंद कर रहा है।
बाइडन प्रशासन बग़दाद स्थित विदेशी दूतावासों में अपने भाड़े के एजेंटों को निर्देशित कर रहा है और पूर्व तानाशाह सद्दाम की पार्टी के विचारों को बढ़ावा देने और वर्तमान सरकार को निशाना बनाने के लिए योजना तैयार कर रहा है।
इराक़ के संसदीय गठबंधन अल-फ़तह के सदस्य अली अल-फ़तलावी ने इराक़ में अमरीकी राजदूत की संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बग़दाद सरकार से मांग की है कि अमरीका की संदिग्ध गतिविधियों की कड़ी निगरानी की ज़रूरत है।
आजकल, इराक़ में अमरीकी एजेंटों ने एक अफ़वाह फैला रखी है कि जल्द ही देश में मौजूदा सरकार का तख़्तापलट होने वाला है। msm