अराक़ची: म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन एक सर्कस में बदल गया है
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पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने कहा: यह खेदजनक है कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन जिसे आमतौर पर एक गंभीर और प्रतिष्ठित कार्यक्रम माना जाता था, ईरान के मुद्दे पर म्यूनिख सर्कस में बदल गया है।
(last modified 2026-02-15T12:51:50+00:00 )
Feb १५, २०२६ १८:१९ Asia/Kolkata
  • ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची
    ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची

पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने कहा: यह खेदजनक है कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन जिसे आमतौर पर एक गंभीर और प्रतिष्ठित कार्यक्रम माना जाता था, ईरान के मुद्दे पर म्यूनिख सर्कस में बदल गया है।

सैयद अब्बास अराक़ची ने सोशल मीडिया “एक्स” पर लिखा: यह खेदजनक है कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन, जिसे सामान्यतः एक गंभीर और विश्वसनीय आयोजन समझा जाता था, ईरान के विषय में म्यूनिख सर्कस बन गया है।

 

अराक़ची ने यह कहते हुए कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन का पतन, जहाँ सामग्री की अपेक्षा दिखावे को प्राथमिकता दी जाती है, महत्वपूर्ण संदेश देता है, जोड़ा: यह स्थिति इस बात का संकेत है कि सार की जगह रूप को तरजीह दी जा रही है और ऐसा दृष्टिकोण क्षेत्रीय घटनाक्रमों में यूरोप की स्थिति और भूमिका के बारे में अहम संदेश देता है।

 

ईरान के विदेश नीति प्रमुख ने जिस चीज़ को यूरोपीय संघ की उलझन कहा, उसका उल्लेख करते हुए इस स्थिति की जड़ को ईरान के आंतरिक परिवर्तनों को समझने में इस संघ की अक्षमता बताया।

 

विदेश मंत्री ने रणनीतिक दृष्टि से भी यूरोपीय संघ को स्पष्ट दिशा से वंचित बताया और स्पष्ट किया कि इस समूह ने क्षेत्र में अपने भू-राजनीतिक प्रभाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खो दिया है। अराक़ची के अनुसार जर्मनी इस प्रक्रिया में अपनी क्षेत्रीय नीति को पूरी तरह ज़ायोनी शासन को सौंपने की ओर बढ़ रहा है।

 

अराक़ची ने यूरोप की समग्र नीति की दिशा को गंभीर और चिंताजनक बताया और कहा: इस स्थिति का व्यावहारिक परिणाम ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित वार्ताओं की प्रक्रियाओं में यूरोपीय संघ और यूरोपीय ट्रोइका के प्रभाव में कमी के रूप में सामने आया है।

 

ईरान के कूटनीति प्रमुख ने कहा: यूरोप, जो पहले वार्ताओं के मुख्य पक्षों में से एक माना जाता था अब ईरान के साथ बातचीत की प्रक्रिया में सीमित भूमिका निभा रहा है इसके विपरीत क्षेत्र के मित्र देशों ने यूरोपीय ट्रोइका की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी भूमिका निभाई है।

 

विदेश मंत्री ने वर्तमान घटनाक्रम और स्थिति को ईरान से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों में यूरोप के हाशिए पर चले जाने का संकेत बताया। mm