फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की हत्याओं पर चीख़ पड़ा एमनेस्टी इन्टरनेश्नल
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की रिहाई और हिरासत में कुछ फ़िलिस्तीनी कैदियों की शहादत की जांच करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने घोषणा की है कि इस्राईल को ग़ज़्ज़ा में बंदी बनाए गए सभी फ़िलिस्तीनियों को रिहा करना होगा और फ़िलिस्तीनी कैदियों और कुछ लापता फ़िलिस्तीनियों की शहादत के लिए स्पष्टीकरण देना होगा।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के क्षेत्रीय मामलों के प्रमुख हिबा मिराइफ़ ने ग़ज़्ज़ा में इजरायली सेना द्वारा नागरिकों को हिरासत में लिए जाने को युद्ध अपराध बताया।
इससे पहले, एक इस्राईली अखबार ने लिखा था कि ग़ज़्ज़ा के हिरासत में लिए गये कुछ कैदियों को जिन्हें बेर अल-सबा के पास सादिया तिमान डिटेंशन सेंटर में रखा गया था, कठोर परिस्थितियों और गंभीर यातनाओं के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी।
इस्राईली सेना प्रमुख ने भी कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि ग़ज़्ज़ा युद्ध शुरू होने के बाद, इस्राईली सैनिकों ने ग़ज़्ज़ा में लगभग 1 हज़ार फिलिस्तीनी नागरिकों को हिरासत में लिया है। (AK)
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