नापंसद अमेरिकी राजदूत के ख़िलाफ़ उठ खड़ी हुई ट्यूनीशियाई जनता
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पार्सटुडे- ट्यूनीशिया के लोगों ने फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपना समर्थन जारी रखते हुए अमेरिकी राजदूत के निष्कासन और ग़ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के हमलों को रोकने की मांग की है।
(last modified 2024-07-01T11:34:55+00:00 )
Jul ०१, २०२४ १७:०३ Asia/Kolkata
  • नापंसद अमेरिकी राजदूत के ख़िलाफ़ उठ खड़ी हुई ट्यूनीशियाई जनता
    नापंसद अमेरिकी राजदूत के ख़िलाफ़ उठ खड़ी हुई ट्यूनीशियाई जनता

पार्सटुडे- ट्यूनीशिया के लोगों ने फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपना समर्थन जारी रखते हुए अमेरिकी राजदूत के निष्कासन और ग़ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के हमलों को रोकने की मांग की है।

रविवार को ट्यूनीशिया की जनता ने अमेरिकी दूतावास के सामने इकट्ठा होकर ग़ज़ा में इस्राईली शासन के अपराधों की निंदा की।

पार्सटुडे के अनुसार, ट्यूनीशिया की जनता ने ज़ायोनी शासन के लिए वाशिंगटन के समर्थन की आलोचना की और ट्यूनीशिया से अमेरिकी राजदूत के निष्कासन की मांग की।

ट्यूनीशियाई लोगों ने ग़ज़ा पट्टी में इस्राईल के अपराधों की निंदा करने के साथ इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर इस्राईली शासन ने दक्षिणी लेबनान पर बड़े पैमाने पर हमला किया, तो वह उन्हें अपने हाथों से दफ़्न कर देंगे।

ग़ज़ा में फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार की वजह से मुस्लिम देशों में ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ नफ़रत की लहर बढ़ गयी है। यह विषय इतना ज़्यादा गहरा गया है कि मुसलमान, इस्राईल के ख़िलाफ प्रतिबंध लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।  

7 अक्टूबर 2023 से पश्चिमी देशों के पूर्ण समर्थन से इस्राईल ने फ़िलिस्तीन के असहाय और उत्पीड़ित लोगों के ख़िलाफ़ ग़ज़ा पट्टी और जॉर्डन नदी के पश्चिमी तट में एक व्यापक नरसंहार शुरू कर रखा है।

 ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार ग़ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी सरकार के पाश्विक हमलों में अब तक 37718 हज़ार फ़िलिस्तीनी शहीद जबकि 86377 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी घायल भी हुए हैं।

ज्ञात रहे कि ब्रिटेन की साम्राज्यवादी योजना के तहत ज़ायोनी सरकार का बुनियादी ढांचा वर्ष 1917 में तैयार हो गया था और विश्व के विभिन्न देशों से यहूदियों व ज़ायोनियों को फ़िलिस्तीनियों की मातृभूमि में लाकर बसा दिया गया और वर्ष 1948 में ज़ायोनी सरकार के अवैध व ग़ैर क़ानूनी अस्तित्व की घोषणा कर दी गयी और तब से लेकर आज तक फ़िलिस्तीनियों की हत्या, नरसंहार और उनकी ज़मीनों पर क़ब्ज़ा जारी है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान, इस्राईल के साम्राज्यवादी शासन के पतन और यहूदियों की उनके मूल देशों में वापसी के गंभीर समर्थकों में है।

 

कीवर्ड्ज़: ट्यूनीशिया और फ़िलिस्तीन, ट्यूनीशिया और इस्राईल, ग़ज़ा युद्ध, इस्राईली अपराध (AK)

 

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