यमनी ख़ंजर, परंपरा और साहस का प्रतीक
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यमनी ख़ंजर या जंबिया, सदियों से यमनी क़बीलायी संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
(last modified 2025-03-22T09:52:35+00:00 )
Mar १६, २०२५ १७:४० Asia/Kolkata
  • यमनी ख़ंजर, परंपरा और साहस का प्रतीक

यमनी ख़ंजर या जंबिया, सदियों से यमनी क़बीलायी संस्कृति से जुड़ा हुआ है।

ग़ज़ा के पीड़ित लोगों के प्रति यमनियों के समर्थन और अमेरिका और ज़ायोनी शासन के साथ उनके टकराव ने एक बार फिर इस प्राचीन भूमि का नाम सुर्ख़ियों में ला दिया है। कमर पर बंधे कपड़े में ख़ंजर रखने और कंधों पर शॉल डालने की प्रथा ने दुनिया भर के कई लोगों का ध्यान यमनियों के रीति-रिवाजों और परंपराओं की ओर आकर्षित किया है। पार्स टुडे की इस स्टोरी में हम यमन में ख़ंजरों के प्रयोग के इतिहास पर एक नज़र डालेंगे।

जंबिया

यमनी ख़ंजर को इस देश में जंबिया के नाम से जाना जाता है। यह ख़ंजर तीन हज़ार वर्ष ईसा पूर्व से मौजूद है और हज़ारों वर्ष बीत जाने के बावजूद, यमनी सार्वजनिक संस्कृति का अभिन्न अंग है। यमन में जंबिया को पुरुषत्व और गरिमा का प्रतीक माना जाता है, इस हद तक कि लोगों की पहचान उनकी कमर पर बंधे हुए ख़ंजर के आधार पर की जाती है। यमनी लोग, चाहे किसी भी धर्म, क़बीले या संप्रदाय के हों, विभिन्न अवसरों और समारोहों के अवसर पर इस ख़ंजर का इस्तेमाल करते हैं। यमनवासी अक्सर इसे गर्व के साथ अपने पास रखते हैं। 

परंपराओं के प्रति वफ़ादारी

सामान्यतः यमनी लोग पश्चिम एशियाई क्षेत्र के किसी भी अन्य देश की तुलना में अपनी राष्ट्रीय परंपराओं के प्रति अधिक वफ़ादार हैं। पुरुष और महिलाएं दोनों ही राष्ट्रीय पोशाक पहनते हैं और इस पर गर्व करते हैं। यमनी लोग बहुत कम सूट पहनते हैं, उनकी पोशाक अरबी पोशाक के समान परम्परागत होती है, जिसमें शॉल, पगड़ी और ख़ंजर शामिल है। 

जंबिया के बारे में आम मिथक

यमनी लोगों के बीच जंबिया के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। उदाहरण के लिए, कहा जाता है कि अगर जंबिया अपने म्यान से बाहर आ जाए, तो युद्ध जीतने तक उसे वापस नहीं म्यान में नहीं रखा जा सकता। यह भी कहा जाता है कि यह सांप के काटने पर सांप के ज़हर को उतार सकता है और सांप के ज़हर का तोड़ हो सकता है। कुछ अन्य कहानियों में कहा गया है कि अगर इसे घाव पर लगाया जाए तो यह ख़ून बहने से रोकता है। 

जंबिया में एक दस्ता होता है, जिसे रास अल-जंबिया कहा जाता है। इसका आकार, गुणवत्ता और प्रकार, सहायक उपकरण और इसे रखने वाले व्यक्ति के महत्व, इतिहास और प्रतिष्ठा को दर्शाता है। सबसे महंगा और मूल्यवान रास अल-जंबिया गैंडे के सींग और हाथी के दांत से बनाया जाता है। हालांकि आयातित जंबिया के कारण, आजकल यमनी जंबिया को बाज़ार में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चीनी जंबिया की क़ीमत 50 से 100 डॉलर के बीच है। msm