जेरूसलम पोस्ट ने स्वीकार किया: यमनीयों को हराया नहीं जा सकता
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पार्स टुडे – एक ज़ायोनी समाचार पत्र ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में यमनी लोगों को अपराजेय बताते हुए कहा कि इज़राइल यमन के साथ सीधे संघर्ष में नहीं उतरना चाहता।
(last modified 2025-08-30T10:01:18+00:00 )
Aug २८, २०२५ १४:२६ Asia/Kolkata
  • जेरूसलम पोस्ट ने स्वीकार किया: यमनीयों को हराया नहीं जा सकता
    जेरूसलम पोस्ट ने स्वीकार किया: यमनीयों को हराया नहीं जा सकता

पार्स टुडे – एक ज़ायोनी समाचार पत्र ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में यमनी लोगों को अपराजेय बताते हुए कहा कि इज़राइल यमन के साथ सीधे संघर्ष में नहीं उतरना चाहता।

पार्स टुडे के अनुसार ज़ायोनी समाचार पत्र जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि अक्टूबर 2023 से इज़राइल यमनी लोगों द्वारा दागे गए मिसाइल और ड्रोन को रोकने में विफल रहा है। इसके साथ ही कहा गया कि इज़रायल शुरू से ही यमन के साथ सीधे टकराव में नहीं जाना चाहता था और यह जिम्मेदारी अमेरिका पर छोड़ना चाहता था।

 

जेरूसलम पोस्ट ने उच्च पदस्थ इज़रायली अधिकारियों के हवाले से लिखा कि यमनी लोग क्षेत्र में सभी पक्षों से अधिक मज़बूत हैं और उनके साथ लड़ाई इज़रायल के लिए बेहद कठिन है, क्योंकि वे अपराजेय हैं।

 

इस ज़ायोनी समाचार पत्र ने आगे कहा कि अमेरिकी अधिकारी भी इज़रायली अधिकारियों के यमनी लोगों की अपराजेयता के दावों की पुष्टि करते हैं।

 

जेरूसलम पोस्ट ने लिखा कि इज़रायली अधिकारियों ने गर्व के साथ कहा कि सना लंबे समय तक बिजली के बिना रहेगा, लेकिन यमनी लोगों ने बहुत कम समय में बिजली बहाल की और नई मिसाइलें इज़रायल की ओर दागीं।

 

इस ज़ायोनी मीडिया ने आगे इज़रायली सेना के सूत्रों के हवाले से लिखा: यमन एक बड़ा चुनौती है और इस शासन की खुफ़िया एजेंसी इस चुनौती का कोई समाधान खोजने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिली है।

 

जेरूसलम पोस्ट ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के यमन के साथ संघर्ष रोकने के फैसले ने इज़रायल को तूफ़ान के सामने अकेला छोड़ दिया। इज़रायली सेना के सूत्रों के अनुसार इज़रायल को यमन को धीरे-धीरे अपने रास्ते से हटाना होगा लेकिन यमन में खुफ़िया प्रभाव फैलाना तेल अवीव के नेताओं की अपेक्षा से अधिक समय ले रहा है।

 

ज़ायोनी मीडिया ने अंत में ज़ोर देकर कहा कि अगर ग़ाज़ा में युद्ध बंद हो जाता है तो यमन से मिसाइल हमले भी रुक जाएंगे।

 

हाल ही में यमन के हूसी आंदोलन के राजनीतिक कार्यालय के सदस्य हिज़ाम अल-असद ने कहा कि यमन पर आक्रमण यमनी लोगों की ग़ाज़ा के प्रति समर्थन को प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा कि इज़रायली आक्रमण यमन की जनता के खिलाफ़ असफ़ल रहा है और इसके परिणामस्वरूप दुश्मन को केवल असफ़लता और निराशा मिलेगी।

 

हिज़ाम अल-असद ने यह भी कहा कि यमन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि ग़ाज़ा पर आक्रमण रोका जाए और उसकी घेराबंदी खत्म हो। यमनी विश्वासयोग्य और संघर्षरत लोग फिलिस्तीनी जनता का समर्थन जारी रखेंगे और इसके सभी खर्चों को वहन करेंगे।

 

अंसारुल्लाह के राजनीतिक कार्यालय के सदस्य मुहम्मद अल-बुख़ैती ने फ़िलिस्तीनुलयौम से बातचीत में कहा कि यमन पर आक्रमण हमारे संकल्प और इज़रायल के खिलाफ अभियानों को बढ़ा देता है और यमन की ग़ाज़ा और फिलिस्तीन के प्रति ठोस स्थिति कभी नहीं बदलेगी।

 

अलबुख़ैती ने स्पष्ट किया कि आज सही क़दम ग़ाज़ा का समर्थन करना है और यह समर्थन किसी भी कीमत पर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यमन की स्थिति और उसके अभियानों का प्रतिनिधित्व पूरी स्वतंत्र दुनिया के लिए है।

 

अंसारुल्लाह के सदस्य ने यह भी कहा कि इज़रायल के हमले यमन पर यह दिखाते हैं कि यमनी मिसाइल हमलों का प्रभाव कितना है। उन्होंने कहा कि हमारा अभियान इज़रायली दुश्मन के खिलाफ़ जारी रहेगा और यमन का आंतरिक मोर्चा आक्रमणकारियों के सामने एकजुट और संगठित है। mm