इराक़ के सुरक्षा ढांचे में सुधार की ज़रूरत
इराक़ की राजधानी बग़दाद के करादा इलाक़े में हुए भीषण धमाके में 290 से ज़्यादा लोगों की मौत के कारण, इराक़ी प्रधान मंत्री हैदर अलएबादी ने इस देश के गृह मंत्री मोहम्मद सालिम अलग़ब्बान के इस्तीफ़े को क़ुबूल किया और बग़दाद की सुरक्षा के ज़िम्मेदार कमान्डर अब्दुल अमीर शम्मरी को हटा दिया है।
इराक़ में अमरीका और उसके घटकों ने, सद्दाम शासन के पतन के बाद, इराक़ के नए राजनैतिक जीवन के चरण में सबसे बड़ी ग़लती यह की कि इराक़ से बाहर, आतंकी तत्वों के व्यवहार से उत्पन्न अराजकता को इराक़ के भीतर पैर पसारने का मौक़ा दिया वह भी ऐसी स्थिति में जब इराक़ी गुट प्रशासन संभालने का अनुभव हासिल कर रहे थे। इराक़ के भीतर आतंकी तत्वों की अराजकता का चरम जून 2014 में दाइश के आतंकियों के हाथों इस देश के कुछ भाग पर क़ब्ज़ा होने के रूप में सामने आया।
इस घटना के कारण इराक़ी गुट प्रशासन संभालने का अनुभव पूरी तरह हासिल न कर सके और इस देश में सरकार के गठन के मार्ग में रुकावट पैदा हुयी। इरक़ में ख़ास तौर पर 2011 के अंतिम दिनों में आए दिन आतंकवादी धमाके, इस देश में सरकार के गठन की प्रक्रिया के विफल होने के सूचक थे।
करादा धमाके के बाद इराक़ के गृह मंत्री ने अपने इस्तीफ़े में जो बात कही है उससे भी यह बात साबित होती है। मोहम्मद सालिम ग़ब्बान ने इराक़ में सुरक्षा ढांचे में कमी की ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया के सभी देशों में गृह मंत्रालय के हाथ में आंतरिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी होती है न कि सेना, आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष करने वाले बल और राष्ट्रीय गुप्तचर बल के हाथ में। वास्तविकता यह है कि कई संस्थाएं एक जैसा काम कर रही हैं जिसके कारण ग़लती हो रही है।
हैदर अलएबादी का गृह मंत्री का इस्तीफ़ा क़ुबूल करना और बग़दाद कार्यवाही के कमान्डर सहित कई सुरक्षा अधिकारियों को हटाने का क़दम, इराक़ के सुरक्षा ढांचे में सुधार की गैरन्टी नहीं हो सकता। हां यह क़दम इस बात के मद्देनज़र कि इन दिनों इराक़ दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में संवेदनशील चरण में है, थोड़े समय के लिए सार्थक हो सकता है।
इस बात में शक नहीं कि जो कुछ इराक़ में हो रहा है वह इस देश में अमरीका और उसके घटकों के व्यवाहर का नतीजा है। (MAQ/T)