तुर्की में 3 महीने के लिए इमर्जन्सी का एलान
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20 जुलाई 2016 को अर्दोग़ान अंकारा में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस कान्फ़्रेंस में बोलते हुए
तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने इस देश में विफल सैन्य विद्रोह के बाद 3 महीने की आपात स्थिति लागू करने का एलान किया है।
उन्होंने बुधवार को सजीव प्रसारित भाषण में कहा, “सैन्य विद्रोह में शामिल आतंकवादी संगठन के सभी तत्वों को तेज़ी से हटाने के लिए” आपात स्थिति ज़रूरी थी।
उन्होंने कहा कि यह विशेष उपाय जिससे सरकार की सुरक्षा शक्ति बढ़ जाएगी, प्रजातंत्र से समझौता नहीं है।
अर्दोग़ान ने कहा, “इसका लक्ष्य प्रजातंत्र, क़ानून के शासन और जनता के अधिकार व आज़ादी के सामने ख़तरे को ख़त्म करने के लिए, सभी ज़रूरी क़दम प्रभावी ढंग से उठाना है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विफल सैन्य विद्रोह के पीछे अमरीका में रह रहे फ़त्हुल्लाह गूलन का हाथ है।
गूलन ने इस सैन्य विद्रोह में किसी प्रकार की संलिपत्ता से इंकार करते हुए कहा कि यह ख़ुद तुर्क सरकार की अपने विरोधियों का सफ़ाया करने की चाल हो सकती है।
तुर्की के राष्ट्रपति ने अंकारा में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की बैठक में, इमर्जन्सी लगाने का एलान किया।
तुर्की में विफल सैन्य विद्रोह में, कि जिसका एलान 16 जुलाई को किया गया और यह एक दिन की कोशिश थी, लिप्त रहने वालों के ख़िलाफ़ सरकार ने कार्यवाही शुरु कर दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई से अब तक 60000 लोगों को जिसमें सरकारी, न्याय पालिका और सैन्य अधिकारी शामिल हैं, नौकरी से निकाल दिया गया है या उन्हें निलंबित कर दिया गया है। (MAQ/N)