यमन युद्ध की समाप्ति की कोशिश, केरी जद्दा में
अमरीका के विदेश मंत्री जाॅन केरी और सऊदी अरब के युवराज के उत्तराधिकारी तथा रक्षा मंत्री मुहम्मद बिन सलमान ने यमन और सीरिया के हालात के बारे में वार्ता की है।
जाॅन केरी और मुहम्मद बिन सलमान ने गुरुवार को तीन घंटे तक बात की और यमन युद्ध को समाप्त करने और इस देश में संघर्षरत पक्षों के बीच शांति वार्ता बहाल करने की राहों की समीक्षा की। कुवैत में यमन की शांति वार्ता की विफलता के बाद यमन मेंं अहम राजनैतिक परिवर्तन हुए हैं। उच्च राजनैतिक परिषद के गठन, 17 महीनों की लड़ाई के बाद संसद का काम काज पुनः आरंभ होने और सांसदों द्वारा उच्च राजनैतिक परिषद को विश्वास मत दिए जाने से यमन के राजनैतिक हालात एक नए चरण में पहुंच गए हैं।
सऊदी अरब के नेतृत्व में अतिक्रमणकारी गठजोड़ के हमलों में तेज़ी और यमन के बच्चों व महिलाओं का जनसंहार इस बात का परिचायक है कि सऊदी अरब, यमन के ताज़ा परिवर्तनों से अत्यंत क्रोधित है। सऊदी अरब के हमलों में तेज़ी पर अमरीकी की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि अमरीका, सऊदी अरब के इस क़दम से विदित रूप से अप्रसन्न है। सऊदी गठजोड़ के सलाहकारों के रूप में काम करने वाले अमरीकी सैन्य अधिकारियों का सऊदी अरब से निकलना शायद अमरीका की अप्रसन्नता का ही चिन्ह हो। वास्तविकता यह है कि यमन के राजनैतिक मंच पर जो परिवर्तन आ रहे हैं और यमन की जनता ने जिस प्रकार से उच्च राजनैतिक परिषद पर विश्वास जताया है उसे यमन की आगामी शांति प्रक्रिया सरल हो जाएगी। यमन की जनता की इच्छाओं से टकराव से सऊदी अरब को कुछ भी हासिल नहीं होगा और वह अपना एक भी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकेगा। यमन की जनता ने 17 महीनों से जारी जंग में यह सिद्ध किया है कि वह किसी को भी अपने बारे में फ़ैसला करने की अनुमति नहीं देगी। (HN)