गोलेन आन्दोलन के बारे में अर्दोग़ान का नया बयान
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i26206-गोलेन_आन्दोलन_के_बारे_में_अर्दोग़ान_का_नया_बयान
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि अंकारा सरकार के विरोधियों के विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct १६, २०१६ १०:५२ Asia/Kolkata
  • गोलेन आन्दोलन के बारे में अर्दोग़ान का नया बयान

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि अंकारा सरकार के विरोधियों के विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी।

तुर्की के रीज़े नगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अर्दोग़ान ने कहा है कि वे लोग जो तुर्की से भाग गए हैं अब वे तुर्की के नागरिक नहीं हैं।  उन्होंने कहा कि वे लोग अब उसी देश के नागरिक माने जाएंगे जहां उन्होंने शरण ले रखी है।  उन्होंने फत्हुल्लाह गोलेन को संबोधित करते हुए कहा कि यदि तुम्हारे भीतर थोड़ी सी भी वीरता पाई जाती है तो तुम अमरीका से वापस तुर्की आकर मुक़दद्दमें का सामना करो।  तुमने डर के मारे अमरीका में पनाह क्यों ले रखी है?

राजनीतिक टीकाकारों का कहना है कि रजब तैयब अर्दोग़ान का यह बयान फ़त्हुल्लाह गोलेन को तुर्की वापस लाने में उनकी अक्षमता को दर्शाता है।  इससे पहले भी तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान, फ़त्हुल्लाह गोलेन को अमरीका से वापस लाने के बारे में धमकी भरा बयान दे चुके हैं।  समीक्षकों का यह मानना है कि अर्दोग़ान के इस प्रकार के बयान का कोई महत्व नहीं है और एेसे बयान केवल देश के भीतर जनता को संतुष्ट करने या फिर उसे धोखे में रखने के उद्देश्य से दिये जाते हैं।

अंकारा सरकार का आरोप है कि 15 जूलाई के विद्रोह के पीछे फ़त्हुल्लाह गोलेन का हाथ था।  इस विफल सैन्य विद्रोह के बाद से तुर्की के अधिकारियों ने शासन व्यवस्था, सेना और न्याय पालिका से गोलेन के समर्थकों को निकाल बाहर करने का अभियान आरंभ कर रखा है।  फ़त्हुल्लाह गोलेन कई बार घोषणा कर चुके हैं कि अंकारा सरकार की ओर से उनके विरुद्ध लगाए जाने वाले आरोपों की समीक्षा के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय समिति का गठन किया जाए।  वे तुर्की के विफल सैन्य विद्रोह में अपनी भूमिका को रद्द करते आए हैं।  तुर्की सरकार ने अमरीका से भी गोलेन के प्रत्यर्पण की मांग की है जिसके जवाब में अमरीका ने पुष्ट प्रमाणों की मांग की है। इस मामले को लेकर तुर्की और अमरीका के संबन्धों में कड़ुवाहट आई है।

अपने ही देश की जनता को गुमराह करने के पर आधारित अर्दोग़ान के इस प्रकार के बयान एेसी स्थिति में सामने आए है कि जब जानकारों का कहना है कि अर्दोग़ान सरकार ने सीरिया और इराक़ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करके न केवल क्षेत्र बल्कि विश्व स्तर पर गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।