इराक़ के बारे में सऊदी अरब की नीतियों का विरोध
इराक़ी संसद की विदेश मामलों की समिति ने इस देश के विदेशमंत्रालय से मांग की है कि वह सऊदी अरब के प्रभारी राजदूत के रूप में अब्दुल अज़ीज़ अश्शमरी की बग़दाद में नियुक्ति का विरोध करे।
इराक़ी संसद की विदेश मामलों की समिति के एक सदस्य ख़ालिद अलअसदी ने इस बारे में कहा है कि इराक़ के लिए सऊदी अरब के पूर्व राजदूत सामिर सीहान अपने कार्यकाल के दौरान इराक़ के भीतर नाना प्रकार की समस्याओं का कारण रहे। उन्होंने कहा कि वे इराक़ के आंतरिक मामलों में खुलकर हस्तक्षेप करने लगे थे जिसके कारण हमने उनको अपने देश से निकालने का फैसला लिया।
उल्लेखनीय है कि इराक़ से निकाले जाने वाले सऊदी अरब के राजदूत सामिर सीहान इससे पहले लेबनान में सऊदी अरब के सैन्य अताशी के रूप में कार्यरत थे। वहां पर उनके सरकार विरोधी गुटों से घनिष्ठ संबन्ध थे। लेबनान में उनकी संदिग्ध कार्यवाहियों के कारण वहां पर राजनैतिक स्थिति बहुत तनावपूर्ण हो गई थी। अब सऊदी अरब की ओर से इराक़ के लिए अब्दुल अज़ीज़ अश्शमरी को प्रभारी राजदूत के रूप में चुना गया है जो जर्मनी में रियाज़ के सैन्य अताशी रह चुके हैं। बताया यह जा रहा है कि सऊदी अरब के वर्तमान प्रभारी राजदूत अश्शमरी, वास्तव में इराक़ से निकाल जाने वाले राजदूत सामिर सीहान की फोटो कापी हैं। इराक़ के लिए सऊदी अरब के प्रस्तावित कूटनयिक प्रतिनिधि का चयन यह दर्शाता है कि सऊदी अरब ने इराक़ के लिए कोई नया षडयंत्र तैयार कर रखा है।
एेसे में यह बात कही जा सकती है कि सऊदी अरब की हस्तक्षेपपूर्ण नीतियों के बारे में इराक़ी जनता की प्रतिक्रियाएं और सऊदी अरब की ओर से एक संदिग्ध व्यक्ति को उनके देश के लिए चयन का विरोध यह दर्शाता है कि इराक़ किसी भी स्थिति में सऊदी अरब की कर्मस्थली नहीं बन सकता।
क्षेत्रीय परिवर्तनों की प्रक्रिया ने दर्शा दिया है कि तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों का समर्थन करने के कारण आले सऊद शासन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक घृणित शासन के रूप में प्रचलित हो गया है जिसके कारण क्षेत्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उसका विरोध किया जा रहा है।