मस्जिदुल अक़सा को ध्वस्त करने के प्रयास पुनः आरंभ
ज़ायोनी शासन ने मुसलमानों के सबसे बड़े पवित्र स्थलों में से एक को ध्वस्त करने के प्रयास तेज़ कर दिये हैं।
फ़िलिस्तीन के धार्मिक मामलों के मंत्री शेख यूसुफ़ इदईस ने कहा है कि अवैध ज़ायोनी शासन, मस्जिदुल अक़सा को ध्वस्त करने के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन, शोध के बहाने मस्जिदुल अक़सा के चारों और खुदाई का काम कर रहा है जिसके कारण मस्जिद की नीव कमज़ोर हो रही है। यूसुफ़ इदईस ने बताया कि इस खुदाई के कारण मस्जिदुल अक़सा के आसपास बहुत से गढ़ढे बन गए हैं। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन का यह काम अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है। ज़ायोनी शासन की इस प्रकार की कार्यवाही की यूनेसको भी निंदा कर चुका है।
ज्ञात रहे कि पवित्र नगर मक्का में स्थित काबे और मदीना में स्थित मस्जिदुन्नबी के बाद मस्जिदुल अक़सा मुसलमानों के निकट सबसे अधिक पवित्र स्थल है।
उल्लेखनीय है कि ज़ायोनी शासन ने अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में अगस्त 2015 से फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों के मस्जिदुल अक़सा में प्रवेष पर रोक लगा दी है जिसके बाद से तनाव बहुत बढ़ गया है।