आतंकवादी कार्यवाहियां आतंकवाद से मुकाबले में रुकावट नहीं बनेंगीः सीरिया
आतंकवादी और विरोधी, सीरियाई सरकार से वार्ताओं में विशिष्टता लेने के लिए आम नागरिकों पर हमले अधिक कर रहे हैं।
सीरिया की राजधानी दमिश्क के बाबुल मुसल्ला नामक क्षेत्र में शनिवार को होने वाले दो आतंकवादी विस्फोटों में शहीद होने वाले व्यक्तियों की संख्या 59 हो गयी है। यह ऐसी स्थिति में है जब घायल होने वाले व्यक्तियों की चिंताजनक स्थिति के दृष्टिगत शहीद होने वाले व्यक्तियों की संख्या अधिक हो जाने की संभावना मौजूद है।
सीरियाई सूत्रों ने शनिवार को शहीद होने वाले व्यक्तियों की संख्या आरंभ में 47 बताई थी और कहा था कि हताहत होने वाले तीर्थयात्री और उनमें भी अधिकांश इराकी शीया थे। शनिवार को होने वाले आतंकवादी विस्फोटों में स्वयं सेवी बल के 12 जवान भी शहीद हुए थे।
ज्ञात रहे कि शनिवार को होने वाले आतंकवादी विस्फोट सीरिया संकट के आरंभ से अब तक के सबसे भीषण विस्फोटों में से एक थे।
सीरिया के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर हलब को स्वतंत्र कराने की कार्यवाही के दौरान आतंकवादियों को मिलने विफलता के बाद वे बौखालहट के शिकार हैं और हालिया दिनों में उन्होंने आम नागरिकों के विरुद्ध अपने हमलों में वृद्धि कर दी है।
राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि आतंकवादी अपनी विफलताओं से जनमत का ध्यान हटाने के लिए आम नागरिकों पर अधिक हमले कर रहे हैं। इसी तरह आम नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों में वृद्धि, सीरियाई सरकार और विरोधियों के मध्य होने वाली वार्ताओं से असंबंधित नहीं है।
कहा जा रहा है कि आतंकवादी और विरोधी सीरियाई सरकार से वार्ताओं में विशिष्टता लेने के लिए आम नागरिकों पर हमले अधिक कर रहे हैं।
इसी मध्य सीरियाई अधिकारियों ने बल देकर कहा है कि दबाव और आतंकवादी कार्यवाहियां आतंकवाद से मुकाबले में रुकावट नहीं बनेंगी।
बहरहाल आतंकवाद से मुकाबले में हर प्रकार की ढ़िलाई और पश्चिमी सरकारों के समर्थनों का जारी रहना इस बात का कारण बनेगा कि आतंकवादी हमले अतीत की भांति मध्यपूर्व तक सीमित नहीं रहेंगे और यूरोप सहित विश्व के विभिन्न देशों को आतंकवादी हमलों का खतरा है। MM